LHC0088 • 1 hour(s) ago • views 956
यमुनानगर में बिना अनुमति चल रहा था STP। फोटो जागरण
शैलजा त्यागी, जगाधरी (यमुनानगर)। जम्मू कालोनी स्थित 25 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को बिना अनुमति संचालित करने के मामले में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) पर 38 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी कर ली है।
पूरे मामले का विस्तृत मसौदा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जम्मू कालोनी में स्थापित 25 एमएलडी का यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के आधे से अधिक हिस्से के सीवरेज जल को शुद्ध कर आगे प्रवाहित करता है। नियमानुसार ऐसे किसी भी प्लांट को संचालित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंसेंट टू आपरेट लेना अनिवार्य होता है।
यह अनुमति सामान्यत: पांच वर्षों के लिए दी जाती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इस एसटीपी की कंसेंट टू आपरेट की अवधि 30 सितंबर 2024 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद विभाग ने समय रहते अनुमति का नवीनीकरण नहीं कराया। बाद में 17 अक्टूबर 2025 को नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया।
इस बीच करीब 382 दिनों तक प्लांट को बिना अनुमति ही संचालित किया गया, जो पर्यावरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। बोर्ड ने नियमों के तहत उल्लंघन की अवधि के आधार पर 38 लाख 20 हजार रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना तय किया है। यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं संबंधित नियमों के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है।
जो भी विभाग या अधिकारी नियमों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 382 दिनों तक एसटीपी को बिना अनुमति चलाने के मामले में जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन पर 38 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यमुनानगर।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग ने ज्वाइंट सैंपलिंग की है जिसके पैरामीटर सही हैं। एसटीपी ठीक चल रहा है। विभाग ने समय रहते कंसेंट टू ओपरेट के लिए अप्लाई किया था, लेकिन हेड आफिस के साथ पत्राचार की वजह से उसमें थोडी देरी हो गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी टाइम पीरियड ज्यादा बता रहे हैं।
- दिनेश गाबा, एक्सईएन, जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग, यमुनानगर। |
|