प्रतीकात्मक चित्र
कमलेश शर्मा, जागरण, बरेली। सड़क दुर्घटनाओं में असमय होने वाली मौतों को रोकने के लिए बरेली मंडल से ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सड़क सुरक्षा समिति गठित कर सुधारात्मक कार्य कराने के लिए की गई शुरूआत को मुख्यमंत्री ने न सिर्फ सराहा है, बल्कि समूचे प्रदेश में इसे लागू करने का आदेश जारी किया है।
बरेली मंडल में अब तक 4013 ग्राम सड़क सुरक्षा समितियों का गठन कराकर 40,030 स्वयं सेवकों की टीम तैयार कर ली गई है। मंडल स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार हो चुके हैं, अब जिला स्तर, तहसील स्तर और ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षकों की तैनाती कर गतिविधियां आरंभ कराने की तैयारी की जा रही है।
सड़क मार्ग से आवागमन सुगम बनाने के लिए ग्रामीण अंचल से लेकर नेशनल हाईवे, एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाया जा रहा है। इससे वाहनों की रफ्तार तो बढ़ गई है, लेकिन दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला प्रशासन के साथ पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के मंथन में यह बात आती रही कि यातायात नियमों का उल्लंघन होने से लोगों की असमय जान चली जा रही है।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन प्रणव झा सुदूर गांवों तक पंचम स्तरीय माडल तैयार किया। मंडल, जिला, तहसील, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर तक सड़क सुरक्षा की चेन बनाकर जन जागरूकता और सुधारात्मक कार्यों की पहल की गई। प्रावधान किया गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली सड़क सुरक्षा समितियों के सुझाव ब्लाक स्तर पर पहुंचेंगे, ब्लाक के तहसील, तहसील के सुझाव जिला और जिला स्तरीय सुझाव मंडल मुख्यालय पर पहुंचेंगे।
तय किया गया है कि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में 10 हजार रुपये तक के सुधारात्मक कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर करा दिए जाएंगे। जबकि इससे अधिक के सुधारात्मक कार्यों के लिए मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से शासन से बजट मंगाकर दिया जाएगा। परियोजना में परिवहन विभाग के अधिकारी मंडल, जिला, ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार कर रहे हैं।
मंडल की सभी ग्राम पंचायतों में सड़क सुरक्षा समितियों का गठन कर चार लाख स्वयं सेवक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 6013 ग्राम सड़क सुरक्षा समितियां गठित कर समिति सदस्यों का विवरण मंडल मुख्यालय पहुंच गया है।
इनके वाट्सएप पर सड़क सुरक्षा के वीडियो और मैसेज पहुंचते रहेंगे। गांवों में नियमित गतिविधियां चलेंगी। दावा किया जा रहा है कि लोग जागरूक होंगे तो दुर्घटनाओं में होने वाली असमय मौत को टाला जा सकेगा। अच्छी बात यह है कि बरेली के इस नवाचार को समूचे प्रदेश में लागू कराने का आदेश जारी हो गया है।
बरेली मंडल: जिलेवार गठित सड़क सुरक्षा समितियां
| जिला | गठित समितियों की संख्या | स्थिति | | बरेली | 1188 | सर्वाधिक सक्रिय | | शाहजहांपुर | 1069 | दूसरा स्थान | | बदायूं | 1036 | मजबूत नेटवर्क | | पीलीभीत | 720 | तेजी से प्रगति | | कुल योग | 4013 | मंडल का कुल लक्ष्य |
सड़क दुर्घटनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही असमय मौतों का आंकलन करने पर पाया गया कि बाइकों की टक्कर में हेलमेट न लगाने के कारण लोगों की जान चली जा रही है। गांवों तक लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम सड़क सुरक्षा समिति का नवाचार किया गया। तत्कालीन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने इसको अनुमोदन कर मंडल के चारों जिलों में लागू कराया। संयुक्त विकास आयुक्त, पंचायती राज विभाग अधिकारियों के सहयोग से सुदूर गांवों तक समितियां गठित होने लगी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बरेली माडल को पूरे प्रदेश में लागू कराने का आदेश दिया है।
- प्रणव झा, आरटीओ प्रवर्तन
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