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अगले आठ माह में दिल्ली को मिल जाएंगे चार नए अस्पताल, 3000 बेड बढ़ेंगे; अब तक 978 करोड़ खर्च

Chikheang 1 hour(s) ago views 781
  

निर्माणधीन हस्तसाल अस्पताल।



वीके शुक्ला, नई दिल्ली। अगले आठ माह में दिल्ली काे चार नए अस्पताल मिल जाएंगे। इनमें से ज्वालापुरी, मादीपुर और सिरसपुर के जुलाई तक ही तैयार कर दिए जाने का लक्ष्य है, वहीं हस्तसाल अस्पताल सितंबर तक तैयार हो सकेगा।

इनके तैयार होने पर दिल्ली को 3000 अतिरिक्त बेड मिलेंगे। इन अस्पतालों में ज्वाला पुरी और मादीपुर अस्पताल का काम 75- 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। हस्तसाल अस्पताल का काम अभी 65 प्रतिशत पूरा हुआ है और सिरसपुर अस्पताल का काम 80 प्रतिशत पूरा हो गया है।

इन अस्पतालों पर अब तक 978 करोड़ खर्च हो चुके हैं और 600 करोड़ से अधिक की जरूरत है। इन चार अस्पतालों पर दिल्ली सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च तक 112 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2026-27 में 515 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

मैनपावर और फर्नीचर की तैयारी काे लेकरा प्रगति की स्थिति की बात करें तो सरकार इसके लिए अभी से गंभीर हो गई है। सरकार का प्रयास है कि जब तक अस्पताल पूरी तरह से तैयार हों तब तक अस्पताल के संचालन के लिए कर्मचारी और स्टाफ तथा मशीनें का इंतजाम किया जा सके।

ज्वालापुरी और मादीपुर की बात करें तो परियोजना निदेशक को पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जाने वाले बाकी काम को ध्यान में रखते हुए इक्विपमेंट, मैनपावर और फ्यूचर के नए प्रपोज़ल जमा करने का निर्देश दिया गया है।

सरकार के सूत्रों की मानें तो इससे पहले इन अस्पतालों को लेकर लापरवाही का आलम यह था कि 2023 में प्रस्ताव जमा किया गया था, मगर उसे बगैर किसी कारण के लौटा दिया गया था। इसी तरह हस्तसाल अस्पताल का

प्रस्ताव भी लटका दिया गया था। परियोजना निदेशक को प्रस्ताव दोबारा जमा करने का निर्देश दिया गया है। सिरसपुर अस्पताल को लेकर परियोजना निदेशक का प्रस्ताव जांच के लिए प्लानिंग ब्रांच भेज दिया गया है। इक्विपमेंट और मेडिकल फर्नीचर के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
पूर्व की सरकार की लापरवाही से परियोजनाओं में देरी हुई: प्रवेश वर्मा

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि लगभग 1,000 करोड़ पब्लिक का पैसा खर्च किया गया, फिर भी अस्पताल नहीं बने। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि पूर्व की सरकार में जवाबदेही पूरी तरह से खत्म हो गई थी। कहा कि हमने कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिम्मेदारी तय की है, और अब पीडब्ल्यूडी इन परियोजनाओं को पारदर्शी और तय समय में पूरा करेगा।

हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि अस्पताल सिर्फ़ इमारतें नहीं हैं, वे जीवन रेखा हैं। ऐसी परियाेजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पीडब्ल्यूडी को सख्त गुणवत्ता नियंत्रण के साथ बाकी सभी काम पूरे करने के साफ निर्देश दिए गए हैं ताकि ये अस्पताल आखिरकार दिल्ली के लोगों की सेवा कर सकें।
अस्पताल की लागत और काम पर एक नजर

    अस्पताल कुल लागत खर्च हुआ कार्य प्रगति शेष कार्य मार्च तक आवश्यक बजट
   
   
   ज्वालापुरी
   319
   251
   168
   28
   140
   
   
   मादीपुर
   320
   256
   154
   64
   140
   
   
   हस्तसाल
   319
   110
   170
   35
   135
   
   
   सिरसपुर
   467
   359
   125
   25
   100
   
   
   कुल
   1446
   978
   627
   112
   515
   

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