Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत किया जाता है और भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान है। साथ ही विशेष चीजों का दान किया जाता है। वहीं, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi 2026) व्रत किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति से मिलती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इस दिन पूजा के बाद विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होती है। ऐसे में आइए जानते हैं विजया एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
विजया एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Vijaya Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर होगा। ऐसे में विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी (Kab Hai Vijaya Ekadashi 2026) को किया जाएगा और व्रत का पारण 14 फरवरी को किया जाएगा।
विजया एकादशी 2026 व्रत पारण का टाइम (Vijaya Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर जरूर करना चाहिए। 14 फरवरी को विजया एकादशी व्रत का पारण करने का समय सुबह 07 बजे से लेकर 09 बजकर 14 मिनट तक है। पारण करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में अन्न, धन समेत चीजों का दान करना चाहिए। इससे साधक को व्रत को पूर्ण फल प्राप्त होता है।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक
विजया एकादशी के दिन क्या करें?
- सुबह स्नान करने के बाद श्रीहरि की पूजा करें।
- प्रभु को पीले फूल, ऋतु फल और तुलसी दल चढ़ाएं।
- व्रत कथा का पाठ करें।
- विशेष चीजों का दान करें।
- पूजा के दौरान मंत्रों का जप करें।
- घर और मंदिर की सफाई का खास ध्यान रखें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें।
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