प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के पायलट प्रोजेक्ट में मुजफ्फरपुर का चयन। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन योजना के पायलट प्रोजेक्ट में मुजफ्फरपुर जिले का चयन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना में मुजफ्फरपुर के साथ सारण जिला को भी शामिल किया गया है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को सुनिश्चित, समयबद्ध और समान सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ जल की बर्बादी पर भी रोकना हैं।
योजना के तहत तिरहुत मुख्य नहर से पानी को भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाएगा। यह नेटवर्क प्रति फार्म एक हेक्टेयर तक विस्तारित होगा, ताकि खेत के अंतिम छोर तक भी समान रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद इस प्रणाली को जीविका को हैंडओवर किया जाएगा, जिसके बाद जीविका दीदियों द्वारा इसका संचालन किया जाएगा।
योजना को लेकर जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने अधिकारियों की टीम के साथ मुसहरी प्रखंड के द्वारिका नगर का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि इस परियोजना के माध्यम से लगभग 2450 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिससे जिले के हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी।
परियोजना के अंतर्गत मुजफ्फरपुर जिले के तीन प्रमुख प्रखंड कुढ़नी, मुशहरी और मुरौल के लगभग 26 गांवों को शामिल किया गया है। मुशहरी प्रखंड में बैकठपुर पंचायत के द्वारिका नगर, जलालपुर, जलालपुर बलभद्र, माधोपुर और बैकठपुर गांव, मुरौल प्रखंड में महम्मदपुर बादल और पिलखी गजपति पंचायत के कई गांव तथा कुढ़नी प्रखंड के हरिशंकर मनियारी पंचायत के सिलौत भीमल और बिशनपुर जय नारायण गांव इस योजना से लाभान्वित होंगे।
योजना के संचालन के लिए बनेगी समिति : डीएम ने बताया कि योजना के सुचारु संचालन के लिए कमांड क्षेत्र को छोटे-छोटे क्लस्टरों में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर का प्रबंधन वाटर यूजर समिति करेगी, जिसमें जीविका की अहम भूमिका होगी। इन समितियों को प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और जल संरक्षण के जरिए कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। इसके लिए ड्रिप सिंचाई और अन्य माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। |
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