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चीन के साथ बढ़ा भारतीय एक्सपोर्ट, लेकिन व्यापार घाटा ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

deltin33 2026-1-15 02:26:03 views 1242
  

2025 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 116.12 अरब डॉलर रहा



पीटीआई, बीजिंग। कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय कारोबार 155.62 अरब डालर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। चीन के सीमा शुल्क विभाग की ओर से बुधवार को जारी वार्षिक व्यापार डाटा के अनुसार, जनवरी-दिसंबर 2025 के दौरान भारत का चीन को निर्यात 9.7 प्रतिशत बढ़कर 19.75 अरब डॉलर रहा है।

इससे पता चलता है कि चीन को निर्यात बढ़ाने के भारतीय प्रयासों को सफलता मिल रही है। हालांकि, इस दौरान चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर रिकॉर्ड 116.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

डाटा के अनुसार, पिछले कैलेंडर वर्ष में चीन का भारत के लिए निर्यात 12.8 प्रतिशत बढ़ा है और यह 135.87 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय कारोबार ऐसे समय में बढ़ा है जब दोनों देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का सामना कर रहे हैं।

भारत-चीन व्यापार में व्यापार घाटा लगातार समस्या बनी हुई है। 2023 के बाद यह दूसरा मौका है, जब चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डालर के पार पहुंचा है। वर्ष 2024 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 99.21 अरब डॉलर था। तब चीन ने भारत को 113.45 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जबकि भारत का चीन को निर्यात 14.25 अरब डॉलर पर स्थिर रहा था।

चीन का वार्षिक व्यापार डाटा जनवरी से दिसंबर तक का होता है, जबकि भारत अपने आंकड़े मार्च से अप्रैल के बीच जारी करता है। विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय निर्यात में 5.5 अरब डालर की मामूली वृद्धि की है। हालांकि, यह काफी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि तेल के भोजन, समुद्री उत्पादों, टेलीकाम उपकरणों और मसालों जैसे भारतीय सामानों ने कठिन चीनी बाजार में प्रवेश किया है। चीन अपनी घरेलू खपत को बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके अलावा भारत वर्षों से चीन से आइटी, फार्मा और कृषि उत्पाद बाजार को खोलने की मांग कर रहा है। यह भारत के मजबूत क्षेत्रों में शामिल हैं।
1.2 ट्रिलियन डॉलर रहा चीन का व्यापार सरप्लस

चीन का वैश्विक व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जो अमेरिका के साथ व्यापार तनावों के बावजूद जारी है। सीमा शुल्क विभाग के डाटा से पता चलता है कि 2025 में चीन का व्यापार सरप्लस 1.2 ट्रिलियन डालर के करीब रहा है और इसमें 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि रही है। 2025 में चीन ने 3.77 ट्रिलियन डालर का निर्यात और 2.58 ट्रिलियन डालर का आयात किया है।-
ऑटो निर्यात 21 प्रतिशत बढ़ा

कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान चीन का ऑटो निर्यात 21 प्रतिशत बढ़कर 70 लाख इकाई से ज्यादा रहा है। इसें इलेक्टि्रक गाडि़यों की बढ़ती मांग का प्रमुख योगदान रहा है।

उद्योग संगठन चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स के अनुसार, चीनी कार कंपनियों ने विदेशी बाजारों में विस्तार के चलते पिछले वर्ष इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड जैसी न्यू एनर्जी गाड़ियों का निर्यात पिछले साल के मुकाबले दोगुना होकर 26 लाख इकाई रही हैा।
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