विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार: 6 महीनों में ₹4.60 लाख करोड़ FDI, स्टार्टअप-मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का फोकस
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली| पिछले छह महीनों में भारत को 51 अरब डॉलर (करीब 4.60 लाख करोड़ रुपए) का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी एफडीआई (FDI) मिलना इस बात का साफ संकेत है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा देश की अर्थव्यवस्था पर कायम है। सरकार स्टार्टअप्स और कॉरपोरेट कंपनियों की साझेदारी बढ़ाकर इसी भरोसे को और मजबूत करना चाहती है।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग यानी डीपीआईआईटी (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने बुधवार को कहा कि सरकार सक्रिय रूप से कॉरपोरेट कंपनियों को स्टार्टअप्स के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उनका कहना है कि स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी से न सिर्फ नए विचार और इनोवेशन सामने आएंगे, बल्कि बड़ी कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग लागत भी घटेगी।
16 जनवरी को स्टार्टअप दिवस का आयोजन
भाटिया ने बताया कि विभाग 16 जनवरी को स्टार्टअप दिवस का आयोजन कर रहा है। इस मौके पर अलग-अलग सेक्टर से जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजने के लिए एक प्रतियोगिता भी रखी जाएगी, जिसमें 3000 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। इसका मकसद युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने आइडिया को प्रोडक्ट में बदलने का मौका देना है।
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उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि स्टार्टअप्स को सप्लाई चेन का हिस्सा बनाया जाए। इससे बड़े कॉरपोरेट्स को सस्ते और इनोवेटिव समाधान मिलेंगे, जबकि स्टार्टअप्स को बाजार और स्थिर ऑर्डर। इसी दिशा में कॉरपोरेट और स्टार्टअप्स के बीच कई समझौते भी किए गए हैं।
देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर फोकस
सरकार का फोकस देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर है। इनोवेशन से जुड़े नए उत्पाद अब तेजी से बन रहे हैं, जिससे इस सेक्टर में निवेश का प्रवाह भी बढ़ा है। नए-नए उत्पादों की शुरुआत से रोजगार के मौके बन रहे हैं और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ रहे हैं। |
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