धरमपुरी विधायक कालूसिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले की धरमपुरी सीट से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर ने एक महिला और एक मुस्लिम युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का कहना है कि दोनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और ब्लैकमेल कर दो करोड़ रुपये की मांग की। बुधवार को धार में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक ने पूरे घटनाक्रम को मीडिया के सामने रखा।
विधायक के मुताबिक, धरमपुरी थाना क्षेत्र के गवलिया बाड़ी निवासी एक महिला 23 दिसंबर को उनसे मदद मांगने पहुंची थी। महिला के तीन बच्चे हैं और उसके पति का निधन हो चुका है। ठाकुर का आरोप है कि उन्होंने पुलिस और प्रशासन को मामले की जानकारी दी, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद वे मंगलवार को भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पूरे मामले से अवगत कराया। बुधवार को उन्होंने कलेक्टर को लिखित शिकायत भी सौंपी।
पहले मांगी मदद, फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी
विधायक ने बताया कि महिला पहले उनके धामनोद स्थित कार्यालय आई थी। अगले दिन उसने भोपाल से फोन कर मिलने की बात कही और बताया कि वह किराए के मकान में रहती है तथा सामान शिफ्ट करने के लिए पैसे नहीं हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते विधायक ने उसे एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और वापस भेज दिया।
कुछ समय बाद महिला ने पहले 15 हजार रुपये की मांग की, जिसे विधायक ने देने में असमर्थता जताई। इसके बाद महिला ने फोन कर आरोप लगाया कि उसे गलत काम के लिए भोपाल बुलाया गया।
यह भी पढ़ें- \“तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो...\“ सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद इंदौर के TI लाइन अटैच, 165 केस में पेश किए थे पॉकेट गवाह
फोन कॉल से शुरू हुआ ब्लैकमेल
विधायक का आरोप है कि इसके बाद आसिफ अली नामक युवक का फोन आया, जिसने गाली-गलौच करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। दोनों ने मिलकर ब्लैकमेल करते हुए चारपहिया वाहन समेत दो करोड़ रुपये की मांग की।
घटना से घबराकर विधायक ने आईजी, एसपी और मुख्यमंत्री को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। ठाकुर के अनुसार, आरोपी युवक कानपुर का रहने वाला है और फिलहाल खलघाट में किराए के मकान में रह रहा है। विधायक का दावा है कि महिला उसे पिछले दो वर्षों से जानती है और उसके साथ रह रही है। उन्होंने पूरे मामले को पूर्व नियोजित साजिश बताया है।
पुलिस-प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप
विधायक का कहना है कि वे शिकायत लेकर एसपी के पास पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया और उल्टे उनके खिलाफ ही मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की।
विधायक द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। इसके आदेश दिए जा चुके हैं। उनसे चर्चा हो चुकी है और वे संतुष्ट भी हैं। सहयोग नहीं करने जैसी कोई बात नहीं है।
— मयंक अवस्थी, एसपी, धार |
|