अमेरिकी इमीग्रेशन और कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) एजेंसी के एजेंट्स। फोटो - रायटर्स
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 7 जनवरी को मिनियापोलिस में महिला की दर्दनाक मौत के बाद ट्रंप और उनके एजेंट्स सवालों के घेरे में हैं। अमेरिकी इमीग्रेशन और कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) एजेंसी ने रेने निकोले गुड नामक महिला को चलती कार में गोली मार दी। सिर में गोली लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी।
अब ICE ने चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। अवैध प्रवासियों को चुन-चुन कर अमेरिका से बाहर निकालने में जुटी ICE के डिटेंशन कैंपों की हालत नरक से भी बदतर है।
ICE ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि इसी साल डिटेंशन कैंप में कई लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल भी मृतकों की संख्या 20 साल में सबसे अधिक देखने को मिली थी।
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ICE ने पेश किए आंकड़े
2026 की शुरुआत से महज 10 दिन के भीतर ICE की हिरासत में कम से कम 4 लोगों की जान गई है। वहीं, 9 और 10 जनवरी को 3 लोगों की मौत हुई है। सारे मृतक अवैध प्रवासी थे, जिनकी उम्र 42-68 वर्ष बताई जा रही है। इनमें दो होंडुरास, 1 क्यूबा और 1 कंबोडिया का नागरिक था।
ICE की रिपोर्ट के अनुसार, 2 लोगों की मौत का कारण दिल की बीमारी थी। वहीं, अन्य दो लोगों की मौत की वजह साफ नहीं है। इसकी जांच की जा रही है।
4 सालों में 26 लोगों की मौत
पिछले 2 दशकों में 2025 अवैध प्रवासियों के लिए सबसे खौफनाक साल रहा है। इस दौरान ICE के डिटेंशन कैंप में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 2004 के बाद पहली बार डिटेंशन कैंप में इतने लोगों की जान जाने का मामला सामने आया है। 2021-2025 के बीच ICE की हिरासत में 26 लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिकी नागरिक स्वतंत्रता संघ (ACLU) की ओर से 2024 में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, डिटेंशन कैंप में मौजूद लोगों की सही तरीके से देखभाल करके उनकी जान बचाई जा सकती थी। मृतकों की मेडिकल रिपोर्ट में भी इलाज की अनदेखी और लापरवाही को मौत की बड़ी वजह माना गया है।
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