कालियाकणा गांव के इन मछुआरों ने शुरुआत में जाल में आए भारी वजन को नदी के किसी कचरे का ढेर समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह एक बेहद बड़ी मछली है।
इसके बाद करीब दो घंटे तक लगातार मेहनत के बाद मछली को नदी किनारे लाया जा सका। यह नज़ारा जल्दी ही पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
सूत्रों के अनुसार, इस कीमती पकड़ को तुरंत 50,000 रुपये में बेच दिया गया, जिसके बाद इसे कोलकाता भेज दिया गया, जहां इतनी बड़ी नदी मछलियों की थोक बाजारों में अच्छी कीमत मिलती है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे “हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पकड़” बताया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और नदी किनारा कुछ समय के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।
इस शानदार पकड़ ने स्थानीय मछुआरों की कौशल और अथक मेहनत को एक बार फिर रेखांकित किया है। बाजारों और चाय की दुकान में इस घटना की चर्चा जारी है।

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