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कभी ओपीडी बंद, कभी डॉक्टर नदारद: मुशहरी सीएचसी में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Chikheang 1 hour(s) ago views 204
  

Government Hospital Negligence: सिविल सर्जन के अलावा विधायक व एसडीओ पूर्वी की जांच में भी मिली भारी लापरवाही। फाइल फोटो  



अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Bihar Health System: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सिस्टम का नियंत्रण लगातार कमजोर होता दिख रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अराजक हालात बने हुए हैं। कभी ओपीडी बंद मिलती है तो कभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से नदारद पाए जाते हैं।  

निरीक्षण में लापरवाही सामने आने के बावजूद कार्रवाई केवल स्पष्टीकरण और वेतन रोकने तक सीमित रह जाती है, जिससे व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हो पा रहा है। मुशहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इसकी बड़ी मिसाल बन गया है।

मुशहरी सीएचसी में इलाज में लापरवाही की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। बीते 11 महीनों में सिविल सर्जन द्वारा सात बार निरीक्षण किए जाने के बावजूद न तो चिकित्सकीय व्यवस्था सुधरी और न ही जिम्मेदारी तय हो सकी।

हाल ही में अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) के निरीक्षण में भी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मरीजों का आरोप है कि यहां प्लास्टर की सुविधा न होने पर कार्टन बांधकर इलाज किया जाता है। इमरजेंसी सेवा में एलोपैथिक चिकित्सक के स्थान पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती रहती है। ओपीडी समय पर नहीं खुलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

इलाज नहीं मिलने पर गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है।सिविल सर्जन ने वर्ष 2025 में 25 मार्च को किए गए निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डॉ. सोनाली पांडेय की अनुपस्थिति पर हाजिरी काटते हुए सीएचसी प्रभारी से जवाब तलब किया था।

चेतावनी दी गई थी कि आगे किसी भी कर्मी की अनुपस्थिति की जिम्मेदारी प्रभारी पर होगी। इसके बाद 29 मार्च को प्रभारी एसीएमओ डॉ. सीएस प्रसाद से कराई गई जांच में प्रबंधक भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर कई कर्मियों और चिकित्सकों का वेतन रोका गया।

इसके अलावा 26 और 29 अप्रैल, 23 जुलाई, तीन सितंबर और 11 सितंबर को हुए निरीक्षणों में भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आती रही। हर बार हाजिरी काटी गई और स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा।

इस वर्ष नौ जनवरी को स्थानीय विधायक बेबी कुमारी ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के साथ निरीक्षण किया, जिसमें प्रबंधक समेत एक कर्मी अनुपस्थित पाए गए। वहीं 10 जनवरी को एसडीओ पूर्वी के निरीक्षण में भी यही स्थिति सामने आई।मरीजों का कहना है कि यदि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होती, तो बार-बार निरीक्षण के बावजूद हालात ऐसे नहीं रहते।


मुशहरी सीएचसी में इलाज व्यवस्था सुधार के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। विधायक और अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी की निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद उसकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
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डॉ. अजय कुमार, सिविल सर्जन
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