संबंधित से तथ्यों के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की प्रदेश में संचालित तापीय विद्युत परियोजनाओं को नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र से बाहर करने की दिशा में शासन ने बड़ा कदम बढ़ाया है। लखनऊ स्थित विषय भवन में आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर गंभीर मंथन हुआ। यूपीपीसीएल के निदेशक (परियोजना) संजय कुमार दत्ता ने प्रस्तुत प्रस्ताव में तापीय परियोजनाओं की भूमि को नगर निकाय सीमा से मुक्त कर औद्योगिक परिसर घोषित करने की सिफारिश की गई।
सोनभद्र की अनपरा–ओबरा भी सूची में शामिल
अपर सचिव नगर विकास कृपा शंकर जैसवार ने बताया कि यूपीपीसीएल की कुल छह प्रमुख तापीय परियोजनाएं फिलहाल नगर निकाय क्षेत्रों में आती हैं। जनपद की अनपरा व एवं ओबरा नगर पंचायत शामिल है। इसके अलावा पनकी (कानपुर नगर), पारिछा (झांसी), जवाहरपुर (एटा) व हरदुआगंज (अलीगढ़) है। अनपरा, ओबरा, पनकी और हरदुआगंज परियोजनाएं सीधे तौर पर नगर विकास विभाग से जुड़े नगर निकाय क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे संचालन, विस्तार और अनुमति प्रक्रियाओं में लगातार दिक्कतें सामने आ रही थीं।
जिलाधिकारियों को किया तलब, अंतिम निर्णय की तैयारी
बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी तथ्यों, दस्तावेजों और स्थानीय परिस्थितियों के साथ अगली बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हो। डीएम अपने-अपने जनपद की स्थिति से शासन को अवगत कराएंगे, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शासन स्तर पर इस पहल को ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन और प्रशासनिक बाधाओं को समाप्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। |