सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। शिक्षण संस्थानों में इन दिनों यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी चल रही है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के कोर्स कहीं पूरा हो गए हैं तो कहीं जल्द पूरा हो जाएंगे, लेकिन जिले के 32 संस्थान ऐसे हैं जहां हाईस्कूल और इंटर की कक्षा में एक भी छात्र नहीं हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए एक भी फार्म नहीं भरा गया है। इनकी मान्यता रद हो सकती है।
बाेर्ड परीक्षाओं के लिए एक भी पंजीकरण न होने से उठे सवाल
यह जानकारी बोर्ड परीक्षा के लिए हुए छात्र-छात्राओं के पंजीयन से हुई है। हाईस्कूल के 24 और इंटर के आठ कालेज ऐसे हैं जहां के एक भी छात्र-छात्राओं ने फार्म नहीं भरे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों की संख्या अधिक है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने डीआईओएस से ऐसे कॉलेजों का ब्यौरा मांगा है। माना जा रहा है कि सीबीएसई विद्यालयों की बढ़ती संख्या के कारण यूपी बोर्ड के विद्यालयों की यह स्थिति है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद को डीआईओएस ने भेजी जानकारी
सीबीएसई विद्यालयों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़ बना ली है। आधुनिक सुविधाएं और अंग्रेजी शिक्षा का आकर्षण अभिभावकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। शिक्षकों की कमी, कक्षाओं का नियमित न चलने आदि कारण से हिंदी माध्यम के यूपी बोर्ड स्कूलों की साख प्रभावित हुई है। डीआइओएस धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे विद्यालयों की जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जा रही है।
परीक्षा में ड्यूटी के लिए शिक्षकों के नाम जल्द होंगे घाेषित
डीआईओएस धीरेंद्र कुमार ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने के लिए शिक्षकों के नाम माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जल्द घोषित कर दिए जाएंगे। कॉलेजों से ऑनलाइन डाटा परिषद को भेज दिया गया है। 50 प्रतिशत शिक्षक संबंधित कालेज के होंगे और बाकी शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे कॉलेजों से लगाई जाएगी। बोर्ड की पिछली परीक्षा में 1920 शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी लगाई गई थी। करीब इतनी ही संख्या में इस बार भी ड्यूटी लगने की उम्मीद है। |
|