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बाल तस्कर और रेस्क्यू किए गए बच्चों के साथ आरपीएफ की टीम।
जागरण संवाददाता, (गिरिडीह)। Hazaribagh Road Railway Station RPF: पूर्व रेलवे के धनबाद रेल मंडल के हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12365 पटना–रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से बाल तस्करी की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को चार नाबालिग बच्चों के साथ हिरासत में लिया।
आरपीएफ को सूचना मिली थी कि बाल तस्करी हो रही है। इसके बाद ट्रेन के डी-5 कोच में जांच की गई। संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक चार छोटे बच्चों के साथ यात्रा करता पाया गया। इसके बाद आरपीएफ ने कार्रवाई की।
आरपीएफ द्वारा पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम पिंटू राठौर बताया, जो बिहार के जहानाबाद जिले के नदियावा गांव का निवासी है। जब उससे बच्चों के संबंध में जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बच्चों के साथ उसके संबंध और यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट नहीं होने पर आरपीएफ ने युवक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चारों बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
युवक समेत बच्चों को रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट हजारीबाग रोड लाया गया। इसके बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), गिरिडीह के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उनके संरक्षण और पुनर्वास की आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
इस पूरे मामले में स्वयंसेवी संस्था वनवासी विकास आश्रम की अहम भूमिका रही। संस्था के समन्वयक उत्तम कुमार ने बताया कि ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ अभियान के तहत कोडरमा टीम को ट्रेन के माध्यम से बाल तस्करी की आशंका की सूचना मिली थी, जिसे तत्काल गिरिडीह टीम को साझा किया गया। इसके बाद आरपीएफ को सूचना देकर जांच कराई गई, जिससे समय रहते बच्चों को तस्करी से बचाया जा सका।
उत्तम कुमार ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल तस्करी या इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत भारत सरकार की निःशुल्क हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। इससे नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से बचाने में मदद मिलेगी। इस अभियान में उत्तम कुमार के साथ छोटेलाल यादव, भागीरथी देवी सहित अन्य समन्वयकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। |
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