पशुपालन में आस्ट्रेलिया की तकनीक अपनाएगा झारखंड। फोटो-एक्स
राज्य ब्यूरो, रांची। ऑस्ट्रेलिया में पशुपालन एवं पशुओं के नस्ल सुधार को लेकर अपनाई गई तकनीक झारखंड में भी लागू की जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को राज्य के कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के साथ ऑस्ट्रेलिया एग्रीकल्चरल काउंसलर किरण करामिल के साथ बैठक हुई।
इसमें झारखंड और आस्ट्रेलिया के बीच पशुपालन की तकनीक के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा हुई। इससे पहले 16 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के साथ मंत्री की बैठक हुई थी।
मंगलवार को इसी चर्चा की अगली कड़ी में हुई बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि पशुपालन के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की तकनीक सबसे बेहतर और सफल है। इस तकनीक को झारखंड द्वारा अपनाए जाने और राज्य के किसानों को इसका लाभ दिलाने को लेकर विभाग गंभीर है।
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पशुओं के नस्ल सुधार के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के प्रयोग को झारखंड में भी अपनाने पर लंबी चर्चा हुई है। ऐसा करने से गौ पालकों के लिए दूध उत्पादन में वृद्धि आसान हो जाएगी। बैठक में ऑस्ट्रेलिया सरकार या वहां के संस्थानों के साथ करार किए जाने की योजना भी बनाई गई है।
ऑस्ट्रेलिया की एग्रीकल्चर काउंसलर ने भी झारखंड के साथ तकनीक के आदान-प्रदान को लेकर संभावना व्यक्त की है। इस बैठक में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव प्रदीप हजारी आदि भी उपस्थित थे।
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ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर सकती है विभाग की टीम
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर एवं एग्रीकल्चर काउंसलर के साथ हुई सकारात्मक चर्चा की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो विभागीय अधिकारियों के साथ ऑस्ट्रेलिया की तकनीक को जानने और समझने के लिए दौरा भी हो सकता है। |
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