ये घास हो रही चोरी
संवाद सूत्र, जागरण, घुंघचाई (पूरनपुर)। टाइगर रिजर्व के संरक्षित जंगल से अवैध रूप से घास काटे जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जंगल के भीतर ग्रासलैंड क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर घास काटी जा रही है। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक चारागाह तेजी से खत्म होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर शाकाहारी वन्यजीवों पर पड़ रहा है।
वनकर्मियों की मिली भगत से ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर रात के अंधेरे में जंगल से बाहर निकाल कर जरूरतमंदों को महंगे दामों में बिक्री कर मोटी कमाई की जा रही है। दियोरिया रेंज के जंगल में प्रतिबंध के बाद भी पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से घास की कटाई का धंधा किया जा रहा है।
वनकर्मियों और घास माफियाओं के गठजोड़ के चलते माफिया घास काटने वालों लोगों को लेकर संगठित तरीके से जंगल में प्रवेश कर घास काट रहे हैं। दिन भर घास काटने के वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से घास को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर रात के अंधेरे में क्षेत्र के जरूरतमंदों को महंगे दामों पर धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। क्षेत्र के एक गांव में ढेर लगाकर घास बिक्री की जा रही है।
पीटीआर की दियोरिया रेंज के जंगल में घास काटने का धंधा पिछले कई दिनों से किया जा रहा है। अवैध रूप से घास काटने से कई जगहों पर ग्रासलैंड पूरी तरह उजड़ गए हैं। इससे जंगल का संतुलन बिगड़ने लगा है। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा रहा है। जंगल के अंदर ग्रासलैंड क्षेत्रों में खड़ी घास हिरन, चीतल सहित अन्य शाकाहारी वन्यजीवों के रहने और उनका पेट भरने के लिए होती है।
लेकिन मिली भगत से जंगल के भीतर ग्रासलैंड क्षेत्रों से घास को अवैध रूप कटवाया जा रहा है। इससे वन्यजीवों जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र में बढ़ सकते हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रासलैंड खत्म होने से जंगल में जल संरक्षण और मिट्टी की नमी पर भी असर पड़ रहा है।
जंगल से घास काटे जाने की जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आया है। जंगल पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। घाट काटते या ले जाते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- लल्लन स्वरूप, रेंजर पीटीआर दियोरिया रेंज
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