जागरण संवाददात, लखनऊ। आदि गंगा गोमती की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये लगा दिए गए, लेकिन गोमती की स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है। दरअसल सरकारी आंकड़ों में गोमती में 13 नाले गिर रहे हैं, जबकि हकीकत में 33 नाले गोमती को प्रदूषित कर रहे हैं। गंगा समग्र अवध प्रांत के संयोजक अनुराग पांडेय मंगलवार को जानकीपुरम विस्तार में आयोजित बैठक में बोल रहे हैं।
गोमती दर्शन संस्था की ओर से आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि गोमती नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। श्वेता सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि 29 नालों का अशोधित जल सीधे गोमती में गिर रहा है। गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के तहत ट्रांस साइड के 15 और सिस साइड के 14 नालों को इंटरसेप्टिंग ट्रंक ड्रेन के माध्यम से टैप किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य आज तक पूर्ण नहीं हो सका। बैठक में सोनी सिंह, गौर दीक्षित, संजीव श्रीवास्तव व पंकज शुक्ला समेत कई समाजसेवी मौजूद थे। |