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29 जनवरी को मिल जाएगा चंडीगढ़ को नया मेयर।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस अब भी आम आदमी पार्टी को समर्थन पर अड़िग है। वहीं जिसे समर्थन मिल रहा है वह आप कांग्रेस के इस फैसले को कोई तरजीह नहीं दे रही। कांग्रेस के हाथ को बार-बार झटका जा रहा है।
पहले चंडीगढ़ आप प्रभारी जरनैल सिंह अब सह प्रभारी डाॅ. सन्नी सिंह आहलूवालिया ने आप से गठबंधन को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसका गठबंधन किससे गठबंधन। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन हुआ था। चुनाव के बाद यह गठबंधन खत्म हो गया था।
अब चंडीगढ़ में उनके 11 पार्षद हैं। उन्हें कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस ने उनके साथ कोई मीटिंग या बातचीत भी नहीं की है। फिर गठबंधन या समर्थन किस बात का हुआ। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की अपने फैसले पर अड़िग हैं। वह कह रहे हैं कि भाजपा को रोकने के लिए उनका समर्थन बड़े दल को रहेगा।
यह बड़ा दल आप ही है। उन्होंने आप नेताओं को नसीहत तक दी कि अपने पार्षद संभल नहीं रहे। सबसे अधिक पार्षद वाली पार्टी के अब केवल 11 पार्षद बचे हैं। इनमें से भी एक दो पर अविश्वास जताया जा रहा है। पार्षदों पर नियंत्रण नहीं होने और हार को देखते हुए आप इस तरह के बयान दे रही है।
नामांकन से पहले बनते-बिगड़ते समीकरण
चुनाव का नामांकन 22 को होना है। उससे पहले अभी सियासी समीकरण और बनते बिगड़ते दिख रहे हैं। अगर कांग्रेस मेयर पद के लिए नामांकन नहीं करती है तो मुकाबला कड़ा हो जाएगा।
यह तय हो जाएगा कि कांग्रेस आप प्रत्याशी का हाथ उठाकर चुनाव में समर्थन करेगी। वहीं, अगर कांग्रेस भी नामांकन करती है तो फिर दोनों में टकराव होगा। इससे भाजपा को फायदा मिलेगा और एकतरफा जीत होगी। मेयर चुनाव 29 जनवरी को होने हैं।
मेयर चुनाव से पहले सियासी पारा बढ़ा
कड़ाके की सर्दी ने मेयर चुनाव से पहले सियासी पारा बढ़ा दिया है। पार्षद सुमन की भाभी पर कार्रवाई के बाद आप और भाजपा में तल्खी बढ़ गई है। भाजपा इसे बदले कार्रवाई बताते हुए आप को झटका देने की तैयारी में है।
भाजपा भी अब कोई बड़ी चाल चलने की तैयारी में है। आप पर दबाव बढ़ाने के लिए कोई बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। वहीं, आप अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए हर पैंतरा अपना रही है। भाजपा नेता ऐसी रणनीति बनाने में जुटे हैं जिससे आप को बड़ा झटका दिया जा सके। |
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