केशव प्रसाद मौर्य।
जागरण संवाददाता, आगरा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की जन चौपाल में 20 मिनट बिजली न आने में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) फतेहाबाद और टेंट हाउस संचालक को दोषी करार दिया गया है। सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। नौ जनवरी को पैतीखेड़ा में हुए कार्यक्रम में ठीक तरीके से जेनरेटर का इंतजाम नहीं किया गया। इससे कार्यक्रम में व्यवधान हुआ।
बीडीओ ने ठीक तरीके से अपने दायित्वों का निर्वाहन नहीं किया। ग्राम्य विकास विभाग के कार्यक्रम में कटिया डालकर बिजली की आपूर्ति की गई थी। सीडीओ की रिपोर्ट पर डीएम ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीओ के खिलाफ शासन में लिखा जा रहा है।
सीडीओ प्रतिभा सिंह ने भेजी डीएम को रिपोर्ट
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य नौ जनवरी को आगरा आए थे। सर्किट हाउस के बाद पैतीखेड़ा फतेहाबाद गांव पहुंचे थे। गांव में जन चौपाल में जैसे ही भाषण शुरू किया। पांच मिनट के बाद ही बिजली चली गई। इस पर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई थी। ग्राम्य विकास विभाग के कार्यक्रम में जेनरेटर में तेज खत्म हो गया। 20 मिनट तक उप मुख्यमंत्री मंच पर खड़े रहे थे। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सीडीओ प्रतिभा सिंह से रिपोर्ट मांगी थी।
जेनरेटर का ठीक तरीके से नहीं किया गया था इंतजाम, ग्राम्य विकास विभाग ने किया था आयोजन
सोमवार को सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी। रिपोर्ट में बीडीओ फतेहाबाद रजत कुशवाहा और नेतराम टेंट हाउस के संचालक शिविर जैन को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। संचालक के खिलाफ 10 जनवरी को डौकी में मुकदमा दर्ज हो चुका है। बीडीओ द्वारा ठीक तरीके से कार्यक्रम में इंतजाम नहीं किए गए। न ही उनकी मानीटरिंग की गई। यहां तक कर्मचारियों को भी ठीक तरीके से नहीं लगाया गया। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि सीडीओ की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बड़े अधिकारियों को मिला अभयदान
उप मुख्यमंत्री की जन चौपाल का आयोजन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा किया गया था। रिपोर्ट में बड़े अधिकारियों को अभयदान मिल गया। विभाग की परियोजना निदेशक रेनू कुमारी हैं। |
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