ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में बड़ी संख्या में पुरानी कारों को बाजार में बेचा जाता है। लेकिन ज्यादातर लोगों की शिकायत रहती है कि पुरानी हो चुकी कार को बेचते हुए कीमत काफी कम मिलती है। क्या कार की कीमत में समुद्री हवा और सड़क पर भारी ट्रैफिक भी असर डालता है? हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
हर महीने होती है पुरानी कारों की बिक्री
भारत में हर महीने लाखों की संख्या में पुरानी कारों की बिक्री की जाती है। जिनकी कीमत को लेकर कई लोग शिकायत करते हैं कि उनको कार की काफी कम मिलती है।
समुद्री हवा से होता है नुकसान?
कार की कीमत तय करने में कई तरह की परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं। जिनमें से एक परिस्थति समुद्री हवा होती है। समुद्री क्षेत्र में रहने वाले लोगों की कार अन्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों की कार के मुकाबले उम्र कम हो सकती है। इसके लिए समुद्री हवा जिम्मेदार होती है, क्योंकि समुद्र की हवा में नमक की मात्रा और ज्यादा नमी होती है।
क्यों होता है नुकसान
समुद्री हवा में ज्यादा नमी और नमक की मात्रा ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को तेज कर देती है। जिससे कार में जंग तेजी से लगता है। अगर ऐसे क्षेत्र में रहने वाली कार के पेंट को नुकसान हो जाए या पेंट बॉडी से हट जाए तो हवा के कारण वहां काफी तेजी से जंग लगती है और इसी कारण वह पार्ट काफी तेजी से खराब हो जाता है।
ट्रैफिक से भी होता है नुकसान
किसी भी कार को अगर ज्यादा ट्रैफिक के बीच चलाया जाता है तो उसकी कीमत पर ज्यादा बुरा असर हो सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण ट्रैफिक के कारण लगने वाले स्क्रैच होते हैं। ज्यादा ट्रैफिक के बीच जब लगातार कार को चलाया जाता है तो इस बात की संभावना काफी ज्यादा हो जाती है कि दूसरे वाहन चालक की लापरवाही के कारण आपकी कार को नुकसान पहुंचे। इसके साथ ही कई कार कार चालक की लापरवाही के कारण भी कार के बंपर, साइड में नुकसान हो जाता है।
इंजन को भी होता है नुकसान
ट्रैफिक में बार बार क्लच और ब्रेक का उपयोग किया जाता है। जिससे इंजन के साथ ही कार के ब्रेक और सस्पेंशन पर भी बुरा असर होता है। बार बार क्लच और ब्रेक के उपयोग के कारण कार का इंजन का तापमान भी तेजी से बढ़ता है और खुली या कम ट्रैफिक के बीच चलाई जाने वाली कारों के मुकाबले ज्यादा ट्रैफिक में चलने वाली कारों का रख रखाव भी बढ़ जाता है। |
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