जागरण संवाददाता, त्यूणी। चकराता वन प्रभाग से जुड़े लाखामंडल के कोटिया सेरा में चार गुलदार देखे गए हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल है।
इस बीच अनहोनी की आशंका को लेकर राज्य जनजाति सलाहकार परिषद उपाध्यक्ष गीताराम गौड़ ने डीएफओ चकराता को पत्र लिखा है। इसके जरिये उन्होंने आबादी क्षेत्र के आसपास सुरक्षा उपाय किए जाने व गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का आग्रह किया है।
जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रमुख पर्यटन स्थल लाखामंडल के कोटिया सेरा में चार गुलदार देखे गए हैं।
राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़ ने बताया कि लाखामंडल क्षेत्र के कोटिया सेरा, गौठाड, धौरा पुडिया व कुंआ गांव के आसपास पिछले कुछ दिनों से गुलदार की सक्रियता बढ़ गई है
। नौ जनवरी को लाखामंडल से सटे बर्नीगाड-गंगनाणी के पास झाड़ियों में घात लगा कर बैठे गुलदार ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इससे यमुना घाटी क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं।
अगर समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। लाखामंडल के पास कोटिया सेरा में स्थानीय लोगों के आने जाने का रास्ता है। यहां से लोग पैदल अपने खेतों में जाते रहते हैं। |
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