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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 50 गायब स्वरूपों का SIT ने लगाया पता
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 गायब स्वरूपों का पता लगाने के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने करीब 50 स्वरूपों का पता लगा लिया है। ये स्वरूप डेरों और घरों में रखे हुए हैं और इन्हें जिन हालातों में रखा हुआ है, वह मर्यादा के खिलाफ है।
मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के लोगों के साथ इन्हें मर्यादा के साथ ले आया जाएगा। इसके लिए एसआईटी की टीम बंगा और अन्य स्थानों पर गई है।
SIT को सहयोगी करेगी SGPC
संभव है कि इस बारे में एसआईटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह को गड़गज को भी सूचित कर दिया है, इसीलिए उन्होंने सोमवार को एसजीपीसी से कहा है कि वह एसआईटी को स्वरूपों का पता लगाने के लिए सहयोग करें। हालांकि, इससे पहले उन्होंने ही एसजीपीसी को एसआईटी को सहयोग न करने के लिए कहा था।
एसजीपीसी का आया बयान
उन्होंने इसे धार्मिक मामलों में सरकारी की दखलअंदाजी बताया था और धर्म प्रचार कमेटी से कहा था कि वह गायब स्वरूपों का पता लगाए। अब जत्थेदार के बैकफुट पर आने के बयान को लेकर भी चर्चा है।
उधर, एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि गायब पावन स्वरूपों के मामले में अगर एसआईटी संपर्क करेगी तो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेश के अनुसार पूरा सहयोग किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 2015-2016 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रकाशन विभाग से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूप गायब हुए थे। इसके बाद सिख समुदाय में विवाद खड़ा हो गया था। सत्कार कमेटी ने इस मामले के विरोध में श्री हरिमंदिर साहिब के गलियारे में चार वर्ष तक धरना भी लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
उस समय रजिस्टरों में दर्ज संख्या और मौके पर मौजूद स्वरूपों का मिलान करने पर 328 स्वरूप गायब पाए गए थे। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एक कमेटी का गठन करके जांच के आदेश दिए थे। 2020 में इस जांच कमेटी की रिपोर्ट आई, जिसमें 16 लोगों को दोषी ठहराया गया।
इनमें से दो की मौत हो चुकी है और कुछ को एसजीपीसी ने बर्खास्त कर दिया है। हालांकि, गायब स्वरूपों के बारे में कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो अब सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन करके जांच शुरू की है। |
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