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मंदिर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए सरकार : केरल हाई कोर्ट

deltin33 2026-1-12 20:57:29 views 440
  

केरल हाई कोर्ट। (फाइल)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को मौखिक रूप से राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह मंदिर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक कानून बनाने पर विचार करे, जिसमें कर्तव्य की लापरवाही और धन की हेराफेरी के लिए कठोर दंडात्मक प्रविधान हों।

यह अवलोकन सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आया, जिसने मंदिर संपत्तियों के संरक्षण को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।

जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने यह सुझाव तब दिया जब उन्होंने पूर्व त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष ए.पद्मकुमार, पूर्व टीडीबी अधिकारी मुरारी बाबू और ज्वेलर गोवर्धनन द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर विचार किया, जो सभी सबरीमाला मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों और दरवाजों से सोने की कथित हेराफेरी के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं।

एडीजीपी से अदालत ने प्रश्न पूछा कि राज्य विशेष कानून क्यों नहीं ला सकता, जिसे \“\“केरल राज्य देवस्वम संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण अधिनियम\“\“ के रूप में संदर्भित किया गया है, ताकि मंदिर संपत्तियों से संबंधित उल्लंघनों के लिए आपराधिक जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सके।

जस्टिस बदरुद्दीन ने कहा कि मैनुअल के उल्लंघन पर केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है और यह आपराधिक अपराध नहीं बनता। एडीजीपी से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और सरकार के समक्ष सिफारिश रखें। सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में जमानत याचिकाओं पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।

(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)
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