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जागरण संवाददाता: कानपुर। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर शहर के मोतीझील परिसर स्थित लाजपत भवन में “युग चेतना–2026: सजग सोच, सुरक्षित भविष्य”कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवाओं से खचाखच भरे ऑडिटोरियम को साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने साइबर क्राइम के विषय में जागरूक किया। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद युवा समिति के अध्यक्ष विकास सिंह भोले ने किया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, मुख्य वक्ता पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल, विशिष्ट अतिथि श्रद्धा नरेंद्र पांडेय एसपी देहात और अंजली विश्वकर्मा एडीसीपी साइबर क्राइम मौजूद रहे। युवाओं को संबोधित करते हुए साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने कहा, किसी निवेश में अतिरिक्त मुनाफा कराने का लालच या किसी अपराध में फसा दिए जाने का डर ही साइबर फ्राड को जन्म देता है।
मोतीझील स्थित लाजपत भवन में स्वामी विवेकानंद युवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन । जागरण
पीओवी की दी जानकारी
रक्षित टंडन ने युवाओं को पीओवी के बारे में जानकारी देते हुए बताया पी यानी पाज, मतलब कोई विषय सामने आए तो पहले कुछ देर ठहरकर उस समझें। ओ मतलब- जीरो ट्रस्ट यानी भरोसा न के बराबर करें। और वी मतलब वेरीफाई कर लें। फोन चोरी होने के मामलो सबसे पहले सिम ब्लाक कराएं, बैंक डेबिट फ्रीज कराएं। इसके बाद 1930 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित करें। संचार साथी वेबसाइट पर जाकर स्टोलेन माई फोन का बटन दबाएं।
इससे भी रह सकते सुरक्षित
इसी क्रम में उन्होंने व्हाट्सएप की सेटिंग में जाकर टू स्टेप वेरीफिकेशन ऑन कर छह अंको का पासवर्ड बना लें। इससे व्हाटसऐप का डेटा कभी कहीं शेयर नहीं होगा। उन्होंने कहा बच्चों को मोबाइल न दें और यदि दें तो यह सुिनिश्चत करे कि वह एडल्ट कंटेंट न प्रयोग करें। डिजिटल पैरेंटिंग जरूरी है।
मोतीझील स्थित लाजपत भवन में स्वामी विवेकानंद युवा समिति द्वारा आयोजित युवा चेतना 2026 का दीप जलाकर शुभारंभ करते मुख्य अतिथि एडीजी आलोक कुमार (मध्य में ) । साथ में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल (दाएं से दूसरे) , डीआइजी हरीश चन्दर (दाएं) , साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन (बाएं से दूसरे) व समिति के अघ्यक्ष विकास सिंह (बाएं) । जागरण
भगवत गीता ऐसा मॉल, जिसमें सबकुछ मिलता है: रघुवीर लाल पुलिस आयुक्त
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवत गीता का अध्ययन जरूर करें। गीता ऐसा मॉल है जहां सबकुछ मिलता है। उन्होंने कहा नरेंद्र से विवेकानंद बनना भी एक यात्रा है। इसे समझने और अपनाने की जरूरत है। नैतिक बल का ह्रास न होने दें।
1930 पर सूचना दें, पूरा सिस्टम हो जाता है एक्टिव
एडीजी आलोक सिंह ने साइबर अपराध से निपटने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि अगर साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर सूचना दें। एक कॉल से पूरा सिस्टम सक्रिय हो जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल अरेस्ट जैसे नए फ्रॉड से अपने परिवार और परिचितों को भी बचाएं। उन्होंने कहा कि भारत का कानून कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करता। अगर कोई ऐसा कहता है, तो वह ठग है।”
नुक्कड़ नाटक से दिया गया सशक्त संदेश
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में दिखाया गया कि कैसे पढ़ा-लिखा युवा भी डर और लालच में आकर ठगों का शिकार हो जाता है। यह प्रस्तुति युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी और कई युवाओं ने मंच से जुड़े स्वयंसेवकों से जानकारी भी ली।
युवा चेतना में तीन बड़े संकल्प
स्वामी विवेकानंद युवा समिति की ओर से तीन बड़े संकल्प सामने रखे गए। जिनमें हर युवा को साइबर जागरूकता, नशा मुक्त समाज के लिए निरंतर अभियान पुलिस और युवाओं के बीच विश्वास का सेतु बनाना है। समिति के अध्यक्ष विकास सिंह भोले ने कहा कि यह अभियान यहीं खत्म नहीं होगा, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों तक जाएगा।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में डीआईजी हरीश चंद्र, एसपी कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, आईपीएस सुमित राम टेके, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्रीराम, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक बैरिस्टर, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। |
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