प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, जालौन। महाराष्ट्र के मुंबई के अलावा गुजरात की ओर से आने वाली ट्रेनें झांसी-कानपुर रेल खंड से गुजरती हैं। उन ट्रेनों के एसी कोचों को लगातार चोर निशाना बना रहे हैं। भले ही यह वारदातें स्थानीय स्टेशन से दूर घटित हो रही हों, लेकिन जिस तरह से लगातार घटनाएं हो रही हैं उससे यात्रा करने वालों में डर बढ़ने लगा है तो सुरक्षा व्यवस्था भी पोल खुलने लगी है।
सप्ताह भर के अंदर ही अब चौथी ट्रेन में चोरी की घटना हुई है। एक सप्ताह में ही सात यात्रियों की मेहनत की कमाई चोर चुरा चुके हैं। जिसके कारण यात्री भी अब सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने लगे हैं।
बीते मंगलवार को सीतापुर एक्सप्रेस में तीन यात्रियों का सामान चोरी हुआ था। इसी दिन पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस में भी दो यात्रियों के नकदी, आभूषण चोरी कर लिए गए थे। इसी के अगले बुधवार को पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस में एक यात्री का बैग चोरी हुआ था। अब शनिवार की रात फिर से डेक्कन एक्सप्रेस में महिला के साथ चोरी की वारदात घटित हो गई।
ऐसे में ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा के जिम्मेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी या घटनास्थल बाहर होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं, लेकिन जिस तरह से सुरक्षित माने जाने वाली एसी कोचों को चोर निशाना बना रहे हैं। उससे इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
माना जा रहा है कि सुनियोजित ढंग से यह चोरियां की जा रही हैं। इसमें संबंधित कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है, क्योंकि जिस तरह से सुरक्षित माने जाने वाले एसी कोचों में वारदातों को अंजाम देकर चोरी रफूचक्कर हो रहे हैं, वह सामान्य नहीं कहा जा सकता।
जीआरपी के एसपी और सीओ भी सर्दी के दिनों में एस्कॉर्ट बढ़ाने और एस्कॉर्ट में चलने वाले जवानों को अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद लगातार घटनाएं व्यवस्था में खामी को इंगित कर रही हैं। यह सही है कि यह वारदातें झांसी-कानपुर रेल सुरक्षित एसी कोचों को लगातार निशाना बना रहे चोर, लेकिन जिन ट्रेनों में वारदातें हो रही हैं वह इसी रेलखंड पर चलती हैं।
इससे यात्रियों में भी भय की स्थिति है। तुलसी नगर निवासी वेदप्रकाश, पटेल नगर निवासी श्यामू ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुंबई की ओर से आने वाली ट्रेनों के एसी कोचों में चोरों की गिरोह ने डेरा डाल लिया है। जिसमें वह लगातार यात्रियों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इस पर अंकुश नहीं लगा तो ट्रेनों में यात्रा करना असुरक्षित हो जाएगा।
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