रेवाड़ी में कड़ाके की ठंड ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, न्यूनतम तापमान -0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंड अपने चरम पर पहुंच गई है। इस बार रेवाड़ी में सर्दी ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। न्यूनतम तापमान गिरकर -0.6 डिग्री सेल्सियस हो गया है।
रविवार को छुट्टी होने के बावजूद, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण लोग घरों में ही रहने को मजबूर हो गए। ठंड के कारण सुबह सड़कें लगभग सुनसान थीं, और जो लोग ज़रूरी काम से बाहर निकले भी, वे गर्म कपड़ों में लिपटे हुए दिखे। हालांकि अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन शीतलहर के कारण दिन में भी बहुत ज़्यादा ठंड महसूस हो रही थी।
शीतलहर से सबसे ज्यादा परेशानी बुज़ुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मज़दूरों को हो रही है। ठंड के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले आठ से दस सालों में न्यूनतम तापमान इतना कम नहीं हुआ था। लोग ठंड से बचने के लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और बाजारों में अलाव जलाकर तापते हुए दिखे।
ग्रामीण इलाकों में गेहूं और सरसों की फसलों पर ओस की बूंदें जमी हुई दिखीं, जो सूरज निकलने पर चमकने लगीं। किसानों के अनुसार, अत्यधिक ठंड के कारण सरसों और गेहूं की फसलों को पाले से नुकसान का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पाले से बचाने के लिए फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह और शाम हल्की सिंचाई करने से पाले का असर कम होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की बीमारियों वाले मरीजों को ठंड के कारण ज़्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है। इस दौरान छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को मौसम साफ होने के बाद ही बाहर निकलना चाहिए।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार, 13 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण रात का तापमान गिर सकता है और दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। सुबह और शाम हल्का कोहरा भी छाए रहने की संभावना है।
रेल यातायात प्रभावित
कोहरे और कड़ाके की ठंड के कारण ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। बरेली से भुज जाने वाली अला हज़रत एक्सप्रेस दो घंटे 23 मिनट देरी से चल रही है। रेवाड़ी-दिल्ली DEMU 20 मिनट देरी से पहुंची। इसी तरह, दिल्ली-रेवाड़ी DEMU एक घंटा देरी से रवाना हुई।
इसके अलावा, चंडीगढ़-उदयपुर सिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 40 मिनट देरी से चल रही है। चंडीगढ़-अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस एक घंटा देरी से चल रही है। इसी तरह, दिल्ली के रास्ते रेवाड़ी से गुजरने वाली ज़्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनें काफी देरी से चल रही हैं। |