सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। फर्जी बीमा पालिसियों के जरिए बीमा क्लेम की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ संभल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई और तेज कर दी गई है और अब इस गिरोह के मुख्य सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा के अलावा बबराला निवासी सचिन और उसके दो अन्य भाइयों की अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति को गैंग्स्टर एक्ट के अंतर्गत कुर्क किया जाएगा।
न्यायालय की ओर से जारी आदेश के आधार पर आज बबराला और वाराणसी में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें कार्रवाई में जुटी रहेंगी, जबकि नोएडा में स्थित मकान को कुर्क करने के लिए टीम कल रवाना होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार बबराला में सचिन और उसके भाइयों के मकान और जमीन पर आज सुबह 11 बजे कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
ओंकारेश्वर मिश्रा
बीमा गिरोह पर सबसे बड़ी कुर्की की कार्रवाई, 11 करोड़ की संपत्ति जब्त होगी
वहीं, वाराणसी में मुख्य सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा की संपत्ति को कुर्क करने के लिए पुलिस और राजस्व की टीमें पहले ही रवाना हो चुकी हैं। नोएडा में भी गिरोह से जुड़ी संपत्ति को चिन्हित कर लिया गया है। जिस पर कल कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा ने बताया कि चारों आरोपितों द्वारा संगठित तरीके से अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को गैंग्स्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा रहा है और इसके लिए न्यायालय से आवश्यक आदेश पुलिस द्वारा प्राप्त कर लिए गए हैं।
बबराला, वाराणसी और नोएडा में एक साथ कार्रवाई
विदित रहे कि इस पूरे गिरोह का खुलासा 18 जनवरी 2025 की रात को उस समय हुआ था, जब एक काले रंग की स्कॉर्पियो को पकड़ने के साथ ही जांच की कड़ी खुलती चली गई, इसके बाद अलग-अलग जनपदों में की गई कार्रवाई में यह सामने आया कि यह गिरोह 12 राज्यों में सक्रिय था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा पालिसियां कराकर योजनाबद्ध तरीके से क्लेम की रकम हड़प रहा था।
मुख्य सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा समेत चार आरोपितों पर शिकंजा
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ था कि इस गिरोह के तार केवल बीमा धोखाधड़ी तक सीमित नहीं थे, बल्कि साइबर गिरोहों और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क से भी जुड़े हुए पाए गए, गिरोह के खिलाफ जनपद के कई थानों के साथ-साथ आसपास के जनपदों में भी मुकदमे दर्ज हैं, अब तक इस मामले में 64 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, हालांकि इनमें से अधिकांश जमानत पर बाहर हैं।
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