विनय कुमार, एटा। थाना आवागढ़ क्षेत्र के सरकरी पुलिया के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने गदनपुर गांव के एक परिवार की खुशियाें को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। बाइक भिड़ंत में 23 वर्षीय गौरव कुमार की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब मातमी सन्नाटा है। बहन को डोली में बैठाने से पहले ही भाई की अर्थी उठ गई।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव गदनपुर निवासी गौरव तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। महाराष्ट्र में रहकर वह हलवाई का काम करता था। मेहनत-मजदूरी कर उसने न सिर्फ घर का खर्च चलाया, बल्कि इकलौती बहन मधु की शादी के लिए भी पैसे जोड़े।
लंबे प्रयास के बाद बहन की शादी हाथरस जनपद में तय हुई थी। 14 फरवरी को बारात आनी थी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। रिश्तेदारों को बुलाने, सामान जुटाने और अन्य व्यवस्थाओं में गौरव दिन-रात लगा हुआ था।
खुशियों से भरा घर हुआ गमगीन
हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, खुशियों से भरा घर पल भर में गमगीन हो गया। मां, बेटे की मौत की सूचना सुनते ही बदहवास हो गईं। बहन मधु, जिसके हाथों में जल्द ही मेहंदी लगनी थी, भाई का शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी। भाई की याद में वह बार-बार बेहोश हो रही थी। परिवार के लोग उसे संभालते रहे, लेकिन हर किसी की आंखें नम थीं। स्वजन बताते हैं कि गौरव बहन की शादी को लेकर बेहद उत्साहित था।
वह कहता था कि बहन की विदाई के बाद ही वह चैन की सांस लेगा। लेकिन किसे पता था कि जिस बहन की डोली उठाने का सपना उसने देखा था, उसी घर से पहले उसकी अर्थी उठेगी। गांव के बुजुर्ग राम सिंह का कहना है कि ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया, जब शादी की तैयारियों के बीच शोक की चिता जली हो।
हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है, लेकिन मां और बहन का दुख कम होने का नाम नहीं ले रहा। सड़क हादसे ने एक मेहनतकश युवक की जान ही नहीं ली, बल्कि एक परिवार से उसका सहारा और बहन से उसका सबसे बड़ा संबल छींन लिया। खुशियों के सपने संजोए परिवार के लिए यह सदमा जिंदगी भर का घाव बन गया है। |