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जमशेदपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: कोलकाता से लाए गए 100 से ज्यादा तोते जब्त, तस्कर गिरफ्तार

cy520520 2026-1-12 01:25:49 views 843
  

साकची गोलचक्‍कर पर बरामद तोते।



जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार की शाम साकची गोलचक्कर के समीप एक त्वरित ऑपरेशन चलाते हुए विभाग की टीम ने 100 से अधिक तोतों की एक बड़ी खेप को जब्त किया। इन पक्षियों को अवैध रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता से जमशेदपुर लाया गया था।   
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

वन विभाग को रविवार दोपहर एक मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली थी कि तस्करों का एक समूह कोलकाता से बड़ी संख्या में तोतों को लेकर शहर में दाखिल होने वाला है। सूचना के आधार पर विभाग ने साकची गोलचक्कर और आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी कर दी। जैसे ही तस्करों का सुराग मिला, टीम ने उन्हें धर दबोचा।   
क्रूरता के साथ पिंजरों में थे कैद

मौके पर बरामद किए गए 100 से ज्यादा तोतों की हालत देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इन बेजुबान पक्षियों को बेहद निर्दयता के साथ छोटे-छोटे पिंजरों में ठूंसकर लाया गया था। वन विभाग की समय पर की गई कार्रवाई ने इन पक्षियों को स्थानीय बाजार में अवैध रूप से बिकने से बचा लिया। तस्करों की योजना इन तोतों को साकची बाजार और शहर के अन्य हिस्सों में सप्लाई करने की थी।   
जांच के घेरे में स्थानीय नेटवर्क

वन विभाग अब इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि जमशेदपुर में इस खेप की डिलीवरी किसे दी जानी थी और इस गिरोह में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई जारी

फिलहाल, सभी जब्त किए गए तोतों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां उनकी सेहत की जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर के व्यस्ततम इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद से वन विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।


हमें गुप्त सूचना मिली थी कि कोलकाता से तोतों की खेप साकची क्षेत्र में सप्लाई के लिए लाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पक्षियों को जब्त किया है। वन्यजीवों का अवैध व्यापार गंभीर अपराध है, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सबा आलम, डीएडीओ
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