श्रीनाथ पासवान, संयुक्त आयुक्त उद्योग गाजियाबाद
शाहनवाज अली, गाजियाबाद। नई निर्यात नीति-2025 को लेकर सरकार ने निर्यातकों के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं, जिसमें निर्यात बढ़ाने के साथ ही उन्हें लाभांवित कर उद्योगों को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उद्यमी और युवा स्वरोजगार शुरू करने के लिए उठा सकते हैं।
ऐसी कौन सी योजनाएं हैं और उनका लाभ युवा और उद्यमी किस प्रकार ले सकते हैं। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिले में ग्रेप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू हो गई हैं।
सरकार की ओर से डीजल जेनरेटर को पीएनजी में बदलने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है। इसका कैसे लाभ लिया जा सकता है। इन्हीं सवालों को लेकर दैनिक जागरण के उप मुख्य संवाददाता शाहनवाज अली ने संयुक्त आयुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान से सवाल किए। प्रस्तुत हैं मुख्य अंश...
शासन की नई निर्यात नीति-2025 को लेकर निर्यातकों को लाभांवित करने के लिए क्या संभावनाएं हैं?
नई निर्यात नीति-2025 से 2031 के लिए तैयार की गई है, जिसमें निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू की हैं। इनमें गेट-वे पोर्ट तक मालभाड़ा स्कीम के तहत जहां पहले 20 लाख रुपये तक निर्यातकों को मिलते थे। वह अब एक कंपनी को प्रति वर्ष 30 लाख रुपये तक बंदरगाह के लिए सरकार से छूट मिलेगी।
एयर फ्रेट स्कीम के तहत हवाई जहाज से माल भेजने पर 10 लाख रुपये, एक वर्ष में तीन बार विदेशी निर्यात मेले में प्रतिभाग करने वालों को प्रति मेला साढ़े चार लाख रुपये स्टाल और आने-जाने का किराया, अपने देश में अंतरराष्ट्रीय निर्यात मेले में स्टाल में 75 हजार और 30 हजार तक किराया मिलता है।
इसके अलावा नई स्कीम के तौर पर एक्सपोर्ट परफोरमेंस फेसिलीटिएशन स्कीम में गत वर्ष के मुकाबले निर्यात बढ़ने पर एक प्रतिशत तक वापस मिलेगा। अन्य स्कीम में डाकघर निर्यात प्रोत्साहन योजना में छूट की स्कीम है एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस आदि निर्यातकों को लाभांवित करेंगी।
स्वरोजगार के लिए शासन की ओर ऐसी कौन सी योजना है, जिनका लाभ स्वरोजगार के लिए युवा उठा सकते हैं?
स्वरोजगार के लिए प्रयासरत युवाओं के लिए शासन से युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवा योजना के तहत बिना गारंटी पांच लाख रुपये का ऋण दिया जा रहा है। योजना के तहत अगले सप्ताह से आवेदन किए जा सकेंगे।
कौशल विकास मिशन, आईटीआई पॉलीटेक्निक, रूडसेट और इंजीनियरिंग कॉलेज से तकनीकी शिक्षा पाने वाले को पांच लाख रुपये का युवाओं को ऋण मिलेगा। इसमें ब्याज मुक्त ऋण के साथ 10 प्रतिशत से अलग छूट है। तीन साल बाद दूसरी किश्त पांच लाख प्राप्त की जा सकती है। इससे स्वरोजगार शुरू कर दूसरों को रोजगार के साधन मुहैया कराए जा सकते हैं।
युवा योजना का को लाने का शासन का क्या उद्देश्य है?
युवा योजना का लक्ष्य युवाओं को वित्त पोषित कर स्वरोजगार मिशन के तहत सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना कराना है। जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना कराकर रोजगार सृजित किया जाएगा। स्थापित की जाने वाली परियोजना की लागत 10 लाख रुपये तक है। इससे अधिक पर की शेष धनराशि का प्रबंध लाभार्थी को स्वयं करना होगा, जिसमें कोई अनुदान नहीं मिलेगा।
शासन की ओर से उद्यमियों के लिए और क्या योजनाएं हैं। कितना लाभ मिल रहा है?
शासन की ओर उद्यमियों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत ऋण दिए जा रहे हैं, जिसमें जिले का लक्ष्य तीन करोड़ 96 लाख रुपये का है, जिसमें अभी तक 45 उद्यमियों को चार करोड़ 40 लाख के ऋण की स्वीकृति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत एक हजार लोगों को 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं। एमवाइएसवाइ में छह करोड 16 लाख में तीन करोड़ 80 लाख की स्वीकृति
उद्योग संचालित कर रहे पुराने उद्यमियों के लिए शासन की ओर से क्या योजना है?
किसी भी उद्योग को तकनीकी अपग्रेडेशन मशीन और फैक्ट्री के लिए सरकार की ओर से लाभांवित करने के लिए योजना है, जिसमें अगर किसी उद्योग में मशीन की तकनीकी अपग्रेडेशन की जाती है तो इसके लिए बैंक द्वारा लिए गए ऋण की ब्याज प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा उद्यमी को दी जा रही है। इसका लाभ लेने के लिए उद्यमी अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
कैपिटल इंवेस्ट और इंटरेस्ट सब्सिडी का उद्यमी कैसे लाभ ले सकते हैं?
ऐसे उद्योग जिनका उत्पादन अक्टूबर 2022 के बाद आरंभ हुआ है। ऐसे सभी उद्यमी 2022 एमएसएमई पालिसी का लाभ लेने के लिए कैपिटल इंवेस्ट और इंटरेस्ट सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसका लाभ लाभ दिया जा रहा है।
कुल कैपिटल इंवेस्ट और इंटरेस्ट का सूक्ष्म उद्योग पर 15 प्रतिशत और लघु उद्योग पर 10 दिया जा रहा है। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र पर संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।
निजी औद्योगिक पार्क (प्लेज पार्क) विकसित करने की योजना कहां तक परवान चढ़ी है?
एमएसएमई नीति 2022 के तहत निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की योजना धरातल पर उतरने को तैयार है। जिले में एमएसएमई इकाइयों को औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराए जाने पर काम चल रहा है।
इस संबंध में जिले के निवेशकों, उद्यमियों, डवलपर्स के साथ बैठक हो चुकी है। प्लेज पार्क विकसित करने के लिए विकासकर्ता को 10 से 50 एकड़ तक प्रति एकड़ 50 लाख रुपये एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के साथ स्टांप ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
ग्रेप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण लागू हो गया है। ऐसे में इंडस्ट्रीज को लेकर क्या गाइडलाइन को कैसे लागू कराएंगे?
उद्योगों के लिए ग्रेप लागू होने से पहले भी कामन गाइडलाइन हैं, जिसमें डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोक है। एमएसएमई तकनीकी उन्नयन योजना तहत सीपीसीबी एवं पीएनजी आधारित जनरेटर सेट पर सरकार की ओर से 20 लाख रुपये तक 50 प्रतिशत अनुदान राशि दी जा रही है।
आगे भी इसी आधार पर उद्योग संचालित होंगे। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर लाभ ले सकते हैं।
युवा योजना के तहत प्रशिक्षित युवा कर सकेंगे आवेदन
आवेदक को सरकार द्वारा संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जिला एक उत्पाद प्रशिक्षण व टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना, यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन आदि में प्रशिक्षित या किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लाेमा और डिग्रीधारक होना आवश्यक है। |
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