प्री पीएचडी टेस्ट हो जाएगा खत्म।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में PhD की व्यवस्था जल्द बदल जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद NeT (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही पीएचडी ((Doctor of Philosophy)) कर सकेंगे।
यह व्यवस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की है। इस पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां की अध्यक्षता में रविवार को कुलपतियों की बैठक में विमर्श किया गया।
वर्तमान में नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के साथ ही प्री-एचडी टेस्ट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के पीएचडी करने की व्यवस्था विश्वविद्यालयों में लागू है।
एक अधिकारी की मानें, तो नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के ही पीएचडी करने की व्यवस्था लागू होने के बाद प्री-एचडी टेस्ट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के पीएचडी करने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।
बेट शुरू करने का निर्णय
बता दें कि नए सत्र से सभी यूनिवर्सिटी में पीएचडी के नामांकन के लिए एक ही परीक्षा की व्यवस्था राज्य में की गई है। अभी चार-पांच दिन पहले ही उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है।
हालांकि सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी में नामांकन के लिए एक ही परीक्षा लेने का निर्णय 2023 में ही उच्चतर शिक्षा परिषद ने लिया था।
इसके साथ ही नेट की तर्ज पर बेट शुरू करने की बात भी कही गई थी। विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर की अर्हता के लिए इसका निर्णय लिया गया था।
हालांकि यूजीसी की नई व्यवस्था से शोध करने वालों को काफी सहुलियत होगी। साथ ही नेट के प्रति रुझान बढ़ेगा, इससे गुणवत्ता में वृद्धि होगी। |
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