नई दिल्ली। भारत का पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) सेक्टर अब चुपचाप देश की एनर्जी ट्रांजिशन कहानी का केंद्र बन चुका है। रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता तेजी से बढ़ रही है और इंडस्ट्रीज, डेटा सेंटर्स, रेलवे व शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में बिजली की मांग गहराती जा रही है। ग्रिड को अब सिर्फ बिजली पहुंचाने से कहीं ज्यादा करना पड़ रहा है। सरकार ने FY30 तक ₹2.4 लाख करोड़ का ट्रांसमिशन कैपेक्स प्लान तैयार किया है, जो भारत के 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट से जुड़ा है। इस कैपेक्स का मकसद राजस्थान और गुजरात जैसे रिसोर्स-रिच राज्यों से बड़ी मात्रा में सोलर-विंड एनर्जी को देशभर के लोड सेंटर्स तक पहुंचाना है।
T&D से जुड़ी कंपनियां घरेलू पॉलिसी सपोर्ट और ग्लोबल डिमांड के दुर्लभ कॉम्बिनेशन से फायदा उठा रही हैं। ऑर्डर इनफ्लो बढ़ रहे हैं, मल्टी-ईयर बैकलॉग्स और बेहतर एक्जीक्यूशन दिख रहा है। यहां हम तीन ऐसे T&D स्टॉक्स की बात कर रहे हैं, जिनके पास सेक्टर में सबसे बड़े ऑर्डर बुक हैं...
1. हिताची एनर्जी
हाई-मार्जिन ग्रिड आर्किटेक्टहिताची एनर्जी इंडिया सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस में ग्रिड टेक्नोलॉजी, डिजिटाइजेशन और इंटीग्रेटेड सिस्टम्स की प्रमुख कंपनी है। यह एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। Q2 FY26 के अंत तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹29,413 करोड़ रहा। यह बड़ा बैकलॉग आने वाले कई क्वार्टर्स में रेवेन्यू की मजबूत संभावना देता है। रिन्यूएबल्स (40%) और रेल एंड मेट्रो (61%) सेगमेंट में YoY अच्छी ग्रोथ दिखी। कंपनी एक्सपोर्ट्स पर फोकस कर रही है, जो ऑर्डर बुक का 25-30% है। यूरोप, साउथईस्ट एशिया, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका शामिल।
डेटा सेंटर्स को बड़ा अवसर मानते हुए कंपनी का अनुमान है कि ग्रिड कनेक्शन, सबस्टेशन्स और ट्रांसफॉर्मर्स के लिए मार्केट 15-20% डेटा सेंटर कैपेक्स का होगा।कंपनी ₹2,000 करोड़ से मैन्युफैक्चरिंग एक्सपैंशन कर रही है। चेन्नई, बेंगलुरु, मैसूर और वडोदरा में प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। हिताची एनर्जी का शेयर अभी 17,881 रुपये पर है।
2. कल्पतरु प्रोजेक्ट्स
मल्टी-वर्टिकल पावरहाउसकल्पतरु प्रोजेक्ट्स (पहले कल्पतरु पावर) ग्लोबल इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रमुख प्लेयर है, जो 6 हाई-ग्रोथ वर्टिकल्स में काम करती है और T&D मुख्य ग्रोथ ड्राइवर है। कंपनी रिन्यूएबल्स, AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (डेटा सेंटर्स, स्मार्ट सिटी) से फायदा उठाएगी।
3. KEC इंटरनेशनल
आरपी गोयनका ग्रुप की KEC ग्लोबल EPC कंपनी है, जो T&D, ट्रांसपोर्टेशन, रिन्यूएबल्स आदि में काम करती है। इसकी मौजूदगी 110 से ज्यादा देशों में है। कंपनी ने हाल में UAE में ₹3,100 करोड़ से ज्यादा का सबसे बड़ा EPC ऑर्डर और सऊदी में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के सबस्टेशन ऑर्डर मिले।
वैल्यूएशन में सुधार?
तीनों कंपनियों का RoCE अच्छा है, लेकिन RoE कैपिटल-हेवी बिजनेस की वजह से कम है। हाल की करेक्शन के बाद वैल्यूएशन हिस्टोरिकल मीडियन से डिस्काउंट पर पहुंच गए हैं, लेकिन इंडस्ट्री मीडियन से ऊपर है।
ट्रांसमिशन थीम लॉन्ग-टर्म साइक्लिकल इन्वेस्टमेंट है। पॉलिसी सपोर्ट, रिन्यूएबल्स, डेटा सेंटर्स से मजबूत ग्रोथ दिख रही है। लेकिन गवर्नमेंट ऑर्डर्स पर निर्भरता रिस्क भी है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।) |