यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। वर्ष 2004 से 2005 के बीच जनपद जौनपुर में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत विकास खण्ड महराजगंज के विभिन्न गांवों में जनहित के विकास कार्यों का प्रस्ताव था। इस योजना के अंतर्गत काम करने वाले मजदूरों को कार्य के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था। इस संदर्भ में वर्ष 2013 में थाना-महराजगंज, जौनपुर पर अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
अभियुक्तगण ने आपस में मिलीभगत कर फर्जी मस्टर रोल तैयार किया और खाद्यान्न पात्र श्रमिकों को न देकर खाद्यान्न की कालाबाजारी की, जिससे लाखों रुपये की सरकारी धन की क्षति हुई। वांछित अभियुक्त श्यामरथी पुत्र जगनंदन, ग्राम राजेपुर मंझनपुर, थाना सुजानगंज, जौनपुर का निवासी है।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार द्वारा गठित टीम ने 11 जनवरी 2026 को दोपहर में अभियुक्त को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। इस कार्रवाई में ईओडब्ल्यू के निरीक्षक सहजानंद श्रीवास्तव, निरीक्षक राकेश सिंह, निरीक्षक बृजेश और मुख्य आरक्षी रोहित सिंह शामिल थे।
सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
इस घोटाले ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और कार्यान्वयन की आवश्यकता को उजागर किया है। जनता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके अधिकारों का उल्लंघन न हो और सरकारी धन का सही उपयोग हो। |