भारत-नेपाल सीमा। जागरण
जागरण संवाददाता, नौतनवा। बिना वीजा पासपोर्ट भारत में प्रवेश करते गिरफ्तार चीनी महिला के बारे में हुई जांच में खुलासा हुआ है कि वह चीन से बैंकॉक, बैंकाक से काठमांडू और फिर काठमांडू से लुंबिनी होते हुए बैरिया बाजार की पगडंडी से भारत पहुंची थी। महिला के पास कोई पासपोर्ट, वीजा या वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिला है।
पुलिस को दिए गए दोनों पतों में नाम और पता अलग-अलग दर्ज पाए गए, जिससे संदेह और गहरा गया है। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे भारत के धर्मशाला जाना था, जहां तिब्बती रिफ्यूजी समझौते के तहत लोग रहते हैं। वहीं उसकी दूसरी शादी होने वाली थी।
महिला ने स्वीकार किया कि उसके पहले पति से सात साल का एक बेटा है। प्रारंभिक जांच में नेपाल निवासी एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसने अवैध रूप से सीमा पार कराने में अहम भूमिका निभाई।
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पुलिस के अनुसार, रास्ते में खरीदारी के दौरान मिले सुरागों और वाहन चालक को हुए संदेह के बाद मामला खुला। चालक ने स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए महिला को हिरासत में लिया गया।
पुलिस अब फरार राजू नाम के दलाल की तलाश में जुटी है और यह भी जांच की जा रही है। |