गर्म पोशाक में भगवान के विग्रह।
जागरण संवाददाता. हाथरस। कड़कड़ाती सर्दी साथ ही भगवान का रहन सहन भी बदल गया है। भक्त अपने आराध्य को गर्म पोशाक धारण कराने के साथ उन्हें रूम हीटर व ब्लोअर से सर्दी से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। रामदरबार, लड्डू गोपाल, राधा-कृष्ण और माता रानी के लिए भी कंबल, ऊनी कपड़े पहनाए जा रहे हैं। ऊनी कपड़ों की खरीदारी बढ़ गई है।
गर्म पोशाक व कंबलों से अपने आराध्य सर्दी बचा रहे भक्त
सर्दी का मौसम आम लोगों को नहीं भगवान को भी परेशान कर सकता है। इसीलिए भक्तों ने घर परिवार के लोगों के साथ अपने आराध्य के लिए भी इंतजाम कर रखे हैं। कड़कड़ाती सर्दी बचाव के लिए उन्हें गर्म पोशाक धारण कराई जा रही है। इसके साथ ही उनके विराजमान स्थान के आसपास रूम हीटर व ब्लोअर लगा रखे हैं। इससे उन्हें गर्माई देने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिरों में कहीं अंगीठी से कहीं लग रहे रूम हीटर
शहर में रुई की मंडी स्थित ठा. कन्हैया जी महाराज, जलेसर रोड पर चामुंडा मां, हलवाई खाना में राधा कृष्ण मंदिर, घंटाघर के गोविंद भगवान मंदिर, पंजाबी मार्केट, कैलास मंदिर अन्य मंदिर शामिल हैं। यहां भक्त अपने आराध्य को सर्दी से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। पुजारी सुभाष ने बताया कि सर्दियों में भगवान को बचाने के लिए गर्म पोशाक के साथ कंबल, रजाई व रूम हीटर का भी इंतजा किया जाता है। उनके स्नान में गर्म पानी का प्रयोग किया जाता है।
पोशाक व उनकी कीमत
- कान्हा के पेंट, शर्ट, शाल 50-350 रुपये
- लड्डू गोपाल के डिजाइनर ऊनी कपड़े 50-500 रुपये
- राधा-कृष्ण के धोती सूट 300-700 रुपये
- माता रानी के ऊनी लहंगे और चुनरी 150-500 रुपये
बाजारों में हो रही गर्म पोशाक की खरीदारी
शहर के बाजारों में भी भगवान की पोशाक मौसम के अनुसार बिक्री की जा रही हैं। इनमें बागला मार्केट, रामलीला मैदान, गुड़हाई, पत्थरा बाजार सहित अन्य बाजारों में भगवान के डिजाइनर कपड़ों का बाजार सज लिए भ गया है। भक्त अपने भगवान को सर्दी से बचाने के लिए जाकेट, धोती सूट, टोपी, मोजे, पोचू, रजाई, कंबल और गद्दे खरीद रहे हैं। माता रानी के लिए ऊनी लहंगे की हो रही खूब मांग बढ़ गई है। |