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अंतरराज्यीय साइबर ठगी का भंडाफोड़, बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की लूट

Chikheang 2026-1-11 11:27:02 views 355
  

सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। कटक से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों के साथ चार निजी बैंकों के कर्मचारियों को मधुपाटणा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने राज्य और राज्य के बाहर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।

गिरफ्तार आरोपियों में जगतसिंहपुर के बालिकुदा निवासी बबलू नायक, कटक के महांगा क्षेत्र के पनंग निवासी नारायण दास और बारबाटी में रह रहे तिर्तोल के रुद्रमाधव महापात्र शामिल हैं।  
कई बैंकों के कर्मचारी भी शामिल

इनके साथ सहयोग करने वाले बैंक कर्मचारियों में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर—कटक के तीनिघरिया में रहने वाले जाजपुर कोरेई निवासी हरेकृष्ण साहू, बंधन बैंक के डिप्टी मैनेजर—मधुपाटणा के दुल्लादेवी रोड निवासी तिर्तोल के अभिषेक महांती, जगतसिंहपुर एक्सिस बैंक के पीआरओ—बालिकुदा के देवाशीष मलिक तथा कटक सूर्योधय स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी स्वराज सामल शामिल हैं।

दो दिन पहले मधुपाटणा थाने में ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत के आधार पर मधुपाटणा पुलिस ने साइबर थाने की मदद से उन खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।  

जांच के दौरान सबसे पहले जगतसिंहपुर एक्सिस बैंक के पीआरओ देवाशीष मलिक को हिरासत में लिया गया। उसकी सूचना के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में निवेश के लिए विज्ञापन

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में निवेश के लिए विज्ञापन देते थे। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए पहली बार थोड़ी रकम मुनाफे के रूप में वापस भी कर देते थे। इससे लालच में आकर जब निवेशक बड़ी रकम लगाते, तो आरोपी उनका अकाउंट बंद कर देते थे।

आरोपी लोगों की जानकारी के बिना उनके दस्तावेज हासिल कर ‘महाकाली कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘प्रिया फिनटेक’ जैसी बेनामी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोलते थे। इसके अलावा, कुछ निष्क्रिय खातों का भी इस्तेमाल किया जाता था।  
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदे  सिम कार्ड

बैंक से हासिल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड खरीदे जाते थे। ठगी के बाद खाते बंद कर दिए जाते और सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे।

पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी आरोपियों ने बिहार के सुपौल और उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के दो लोगों से ठगी की थी। आरोपियों के पास से 69 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 3 डेस्कटॉप, विभिन्न कंपनियों के 215 सिम कार्ड, 554 बैंक पासबुक, 702 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, एक कार, दो दोपहिया वाहन और 3,200 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, करीब 90 लाख रुपये वाले विभिन्न बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

यह जानकारी पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने दी। साइबर थाना एसीपी सत्यजीत दास, इंस्पेक्टर रश्मिता जेना, मधुपाटणा थाना इंस्पेक्टर चित्तरंजन राउत, इंस्पेक्टर देबीप्रसाद साहू, इंस्पेक्टर विकास कुमार पलई, एसआई मुद्र युधिष्ठिर और एएसआई आशुतोष षड़ंगी की टीम ने इस गिरोह को गिरफ्तार किया।
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