एक घर में सो रहे ग्रामीण। फाइल फोटो
संवाद सूत्र, मझगांव (पश्चिमी सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड अंतर्गत बेनीसागर गांव में जंगली हाथी की दहशत इस कदर बढ़ गई है कि ग्रामीण अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
हालात यह हैं कि गांव के एक सुरक्षित घर में करीब 15 लोग एक साथ रात गुजार रहे हैं। इस घर में अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि पुरुष रातभर बाहर रहकर हाथी की निगरानी कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हाथी के अचानक गांव में घुस आने और जान-माल को नुकसान पहुंचाने के डर से कोई भी अपने घर में अकेले सोने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। बीते तीन दिनों में इसी गांव के दो ग्रामीणों समेत कुल तीन लोगों की हाथी द्वारा पटककर और कुचलकर मौत हो चुकी है, जिसके बाद से गांव में भय का माहौल और गहरा गया है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को गांव की सीमा से बाहर खदेड़ने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने घरों में लौट सकें। बता दें कि पिछले 9 दिनों में हाथी के हमलों में पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुल 20 लोगों की जान जा चुकी है।
मझगांव प्रखंड अंतर्गत बेनीसागर गांव में जमी वन विभाग की टीम
मझगांव प्रखंड अंतर्गत बेनीसागर गांव में हमलावर हाथी के मौजूद होने की सूचना पर वन विभाग की टीम शनिवार रात भर कैंप कर निगरानी करती रही। हालांकि देर रात तक हाथी की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाथी को ट्रेस करने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग के आला अधिकारी रविवार को भी बेनीसागर पहुंचकर हाथी की लोकेशन ट्रैक करने और आगे की रणनीति तय करने का प्रयास करेंगे।
उधर, हाथी की आशंका को लेकर गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग की टीम द्वारा लगातार गश्त और निगरानी जारी है।
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