search

गोरखपुर डकैती: 36 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर जेल से छूटने के बाद भी रहा निगाहों से दूर

LHC0088 2026-1-11 09:57:17 views 573
  

नए वर्ष पर अलर्ट जारी होने के बाद भी जंगल के लुटेरे पर नहीं गई नजर। जागरण  



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कुसम्ही जंगल और बुढ़िया माई मंदिर क्षेत्र में वर्षों तक आतंक का पर्याय रहा गैंग्सटर देवेंद्र उर्फ डायना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर सामने आयी है। हत्या के प्रयास, पुलिस पर हमले, दुष्कर्म, लूट और गैंग्सटर एक्ट जैसे 36 से अधिक गंभीर मुकदमों वाला यह अपराधी नवंबर में जेल से बाहर आने के बाद भी पुलिस की प्रभावी निगरानी से बाहर रहा। नतीजा यह हुआ कि वह गिरोह बनाकर वारदात करने में सफल रहा।

डायना के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जेल से रिहाई के बाद उस पर सघन निगरानी अपेक्षित थी। नए वर्ष को लेकर जंगल और पर्यटन स्थलों पर सतर्कता के निर्देश भी जारी किए गए थे, ताकि कोई बड़ी घटना न हो। इसके बावजूद डायना अपने भाई के घर रहकर अंदरखाने नई साजिशें रचता रहा और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह लापरवाही अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।

कुसम्ही जंगल में प्रेमी जोड़ों को बंधक बनाकर लूटपाट करना, पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को डराना और जंगल को अपराध का अड्डा बनाना डायना की पहचान रही है। जून 2024 में एक युवती ने उसके ऊपर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 14 अक्टूबर 2025 को डायना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग्सटर एक्ट के तहत करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। बाद में उसके दो पक्के मकानों को सील भी किया गया।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर डकैती: जेल में बनी थी लूट की योजना, डायना ने साथियों संग दिया अंजाम

इन कार्रवाइयों को अपराध पर कड़ा संदेश माना गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि निगरानी के अभाव में डायना का मनोबल नहीं टूटा। वह पुलिस की नजर से दूर रहकर अपने पुराने नेटवर्क को फिर से जोड़ने में लगा रहा।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
165733