ताजमहल में शाहजहां और मुमताज की असली कब्र। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, आगरा। ताजमहल में मुगल शहंशाह शाहजहां का 371वां उर्स 15 से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। उर्स में तहखाना में स्थित शाहजहां व मुमताज की कब्रों को पर्यटक देख सकेंगे। यह कब्रें केवल उर्स में ही तीन दिन के लिए खोली जाती हैं। उर्स में पहले व दूसरे दिन दोपहर दो बजे से और तीसरे दिन सुबह से शाम तक जायरीनों व पर्यटकों को निश्शुल्क प्रवेश मिलेगा।
इसका आदेश भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के आगरा सर्किल ने जारी कर दिया है। शहंशाह शाहजहां का उर्स इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के रजब माह की 26, 27 व 28 तारीख को मनाया जाता है। इस बार यह तिथियां 15 से 17 जनवरी तक हैं। उर्स में जायरीनों और पर्यटकों को निश्शुल्क प्रवेश दिया जाता है, जिसका आदेश अधीक्षण पुरातत्वविद डा. स्मिथा एस. कुमार ने जारी किया है।
इसके अनुसार 15 व 16 जनवरी काे दोपहर दो बजे से सूर्यास्त तक और 17 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक निश्शुल्क प्रवेश मिलेगा। ताजमहल में साप्ताहिक बंदी शुक्रवार को रहती है। शुक्रवार को केवल स्थानीय नमाजियों को प्रवेश मिलता है। ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि शुक्रवार को नमाज होने के बाद दोपहर दो बजे से पर्यटकों व जायरीनों को स्मारक में प्रवेश दिया जाएगा।
उर्स में मुख्य मकबरे पर भी निश्शुल्क प्रवेश मिलेगा। मुख्य मकबरे पर भीड़ प्रबंधन के लिए एएसआइ ने 10 दिसंबर, 2018 को 200 रुपये का अतिरिक्त प्रवेश शुल्क लागू किया था। |