सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। राज्य एवं सेवाकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने अल-दुआ फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड इकाई (मास फैक्ट्री) पर सर्वे किया। 30 से अधिक अधिकारियों ने एक साथ इस कंपनी के छह ठिकानों पर यह कार्रवाई की। डेटा एनालिसिस के आधार पर की गई जाचं में कम रिटर्न दाखिल करना व उत्पादन की कम कीमत का रिटर्न में हवाला देने पर जीएसटी चोरी मिली।
कंपनी का मेहरावल पर पैकेजिंग मेटेरियल का एक गोदाम मिला। जिसे जीएसटी विभाग में घोषित नहीं किया गया। शुक्रवार को टीम देर शाम तक दस्तावेजों का मिलान कर रही है। प्रारंभिक जांच में अरबों रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ में आई है। इसमें से मीट फैक्ट्री प्रबंधन ने 101 लाख रुपये एडवांस जीएसटी जमा करा दिए हैं। इस फैक्ट्री में हलाल बफेलो मीट का उत्पादन,निर्यात, व फ्रोजन मीट तैयार किया जाता है। यह मास निर्माता व निर्यातक कंपनी एमके ग्रुप से जुड़ी है।
विस्तृत डाडा विश्लेशण की प्रारंभिक जांच में अरबो रुपये के माल पर जीएसटी चोरी मिली
शहर में नौ मास फैक्ट्रियां हैं, इनमें तालसपुर के निकट स्थित अल-दुआ मास फैक्ट्री के स्लाटर हाउस में दो हजार पशु प्रतिदिन कटने की क्षमता है। इस मीट फैक्ट्री का संचालन हाजी जहीर करते हैं। राज्य एवं सेवाकर विभाग के लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों ने डाटा विश्लेषण के इन्वेस्टीगेशन अधिकारियों को निर्देशित किया। करीब एक माह तक विभाग द्वारा की गई जांच में बड़े स्तर पर झोल मिला।
राज्य एवं सेवाकर विभाग के अधिकारी (जीएसटी विभाग) उस समय सन्न रह गए, जब कंपनी की ओर से लगातार जीएसटी रिटर्न में मीट के उत्पादन में गिरावट दिखाई गई। साथ ही बाजार में मीट को अधिक कीमत पर बेचना व रिटर्न में कम कीमत को दिखाया जा रहा था।
मेहरावल पर पैकेजिंग का गोदाम मिला, विभाग में नहीं किया गया था घोषित
अपर आयुक्त एसआईबी एके राम त्रिपाठी ने एसआइबी टीम को सर्वे करने के निर्देश दिए। ज्वाइंट कमिश्नर रश्मि सिंह राजपूत के नेतृतव में डिप्टी कमिश्नर एसआईबी अजीत प्रताप सिंह व धीरज प्रताप सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक कुमार व शिव कुमार के नेतृत्व में इन टीमों ने एक साथ छह ठिकानों पर गुरुवार को अल-दुआ मीट फैक्ट्री पर भारी फोर्स के साथ सर्वे प्रारंभ किया। टीम के अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर को घेर लिया।
टीम ने स्लाटर हाउस, प्रशासनिक कक्ष व जिंदा पशुओं के गोदामों पर जांच प्रारंभ की। प्रशासनिक कक्ष में डिजिटल डाटा व अन्य दस्तावेज खगाले गए। रात तीन बजे तक टीम फैक्ट्री में जमी रही। शुक्रवार को तड़के अधिकारियों की टीम रामघाट रोड स्थित जीएसटी भवन पहुंची। जहां जीएसटी चोरी की आशंका वाले दस्तावेजों का मिलान किया गया। रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई। टीम में सुरेश चंद्र शर्मा, धीरज प्रकाश आदि अधिकारी शामिल रहे।
विवादों में रही है कंपनी
अल -दुआ फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड व इस कंपनी के मालिक हाजी जहीर का विवादों से नाता रह है। तालसपुर यह मीट फैक्ट्री एमके और अल हम्द के नाम से है। अमोनिया गैस रिसाव में से चर्चा में रही। वर्ष 2023 में आयकर विभाग की टीम ने कई ठिकानों पर छापा मारा था।
हाजी जहीर सबसे अधिक आयकर दाता देने वाले टॉप-10 की सूची में शामिल हैं। हाजी जहीर को लेकर राजनीति भी समय समय पर गरमाती रही है। भाजपा के एक राष्ट्रीय नेता, भाजपा के एमएलसी के आवास पर हाजी जहीर के साथ खींची फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई। उसमें पार्टी के उन कद्दावर नेता को लेकर बहस छिड़ी। |
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