ठंड के मौसम में तेजी से बढ़ रही बीमारियां।
जागरण संवाददाता, रांची। कड़ाके की ठंड और गिरते पारे के बीच झारखंड में बीमारियों ने खतरनाक रुख अपना लिया है। इन दिनों बच्चों में रोटा वायरस के कारण \“कोल्ड डायरिया\“ तेजी से पैर पसार रहा है।
अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर और जोड़ों के दर्द की समस्या गंभीर हो गई है। अगर आप भी इस सर्दी में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बातों को नजरअंदाज न करें।
दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित \“हैलो जागरण\“ कार्यक्रम में सदर अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॅा. हरीश चंद्र ने स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
सावधान! बच्चों में रोटा वायरस के लक्षण दिखें तो सतर्क हों
ठंड के मौसम में बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे वे रोटा वायरस की चपेट में आ रहे हैं।
- पेट में मरोड़ और लगातार उल्टी होना।
- बार-बार दस्त होना और शरीर में पानी की कमी।
एक्सपर्ट की राय: बच्चों को बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा न दें। उन्हें लगातार ओआरएस (ORS) का घोल पिलाते रहें और गर्म कपड़े पहनाकर रखें।सर्दी के मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। छोटे बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचाएं और बुजुर्गों का बीपी नियमित रूप से चेक करते रहें। छोटी सी सावधानी बड़े संकट से बचा सकती है।
बीपी और शुगर के मरीजों के लिए \“विंटर वार्निंग\“
ठंड के कारण शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- ब्लड प्रेशर: सुबह उठने के तुरंत बाद ठंडे पानी या ठंडी हवा के संपर्क में न आएं। नहाने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
- मधुमेह: सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, इसलिए घर के अंदर ही हल्का व्यायाम करें। डाइट में कार्बोहाइड्रेट कम और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।
डॉक्टर की सलाह: आपके हर सवाल का सटीक समाधान
| स्वास्थ्य समस्या | डॉक्टर का सुझाव | | पानी से बीमारियां | गंदा पानी डायरिया और किडनी रोग दे सकता है। पानी हमेशा उबालकर और फिल्टर कर पिएं। | | हाथ-पैर में झनझनाहट | यह विटामिन B-12 की कमी या सर्वाइकल हो सकता है। एक्सरे और ब्लड टेस्ट जरूरी है। | | मुंह में बार-बार छाले | पेट की खराबी या फोलिक एसिड की कमी हो सकती है। खट्टे फल और पौष्टिक आहार लें। | | जोड़ों में तेज दर्द | नसों की सिकुड़न दर्द बढ़ाती है। मालिश करें, मोजे पहनें और विटामिन-D का सेवन करें। | | कब्ज और पेट साफ न होना | मैदा और फास्ट फूड छोड़ें। सलाद, मोटा अनाज और पर्याप्त पानी का सेवन करें। |
विंटर हेल्थ गाइड: इन 5 बातों का रखें खास ख्याल
- धूप का आनंद लें: विटामिन-D की कमी से बचने के लिए धूप निकलने पर कुछ देर बाहर जरूर बैठें।
- कपड़ों की लेयरिंग: एक मोटे स्वेटर की जगह दो-तीन पतले गर्म कपड़े पहनें, यह ज्यादा सुरक्षा देते हैं।
- खान-पान में बदलाव: बाजरा, मकई और रागी जैसे मोटे अनाज खाएं, जो शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।
- हाइड्रेशन: ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत होती है। गुनगुना पानी पीते रहें।
- पर्याप्त नींद: शरीर को रिकवर करने के लिए 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें।
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