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Land For Job Case: जमीन से शुरू कहानी नौकरी पर खत्म, किसी ने राबड़ी देवी तो किसी ने मीसा भारती के नाम की अपनी लैंड

Chikheang 2026-1-10 05:27:05 views 1158
  



राज्य ब्यूरो, पटना। यह कहानी एक दिन में नहीं बल्कि धीरे-धीरे लिखी गई। फाइलों के बीच, रजिस्ट्री कार्यालयों और रेलवे की पटरियों के समानांतर। वर्ष 2004-09 उस वक्त जब लालू प्रसाद देश के रेल मंत्री थे। रेलवे ग्रुप डी की आस में लोग जब लाइन में लगने की तैयारी में थे उस वक्त सत्ता के गलियारों में अलग ही पटकथा लिखी जा रही थी। पटकथा जमीन से नौकरी तक की।

लालू प्रसाद पर आरोप हैं कि जिस दिनों वे रेल मंत्री थे उसी दौर में बिना विज्ञापन, बिना तय प्रक्रिया, ग्रुप डी में नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हुआ। मुंबई, कोलकाता, जबलपुर और जयपुर जोन में नाम चढ़ते गए। बाहर से सब सामान्य दिखता रहा, लेकिन परदे के पीछे जमीन के कागज खिसकते रहे।

किसी ने अपनी जमीन राबड़ी देवी के नाम कर दी, किसी ने मीसा भारती के नाम। कहीं बाद में वही जमीन हेमा यादव को गिफ्ट की गई। कीमत कागजों में कुछ लाख, जबकि बाजार में करोड़ों की। बदले में नौकरी। पहले अस्थायी, फिर पक्की।

इस कहानी से एक दिन पर्दा हट गया। सत्ता बदली तो रेलवे में बिना किसी विज्ञापन रेबड़ियों की तरह नौकरी बांटने की जांच शुरू हुई। पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने तरीके से मामले की जांच-पड़ताल की। जांच के बाद पहली चार्जशीट आई तब आरोपियों में सात लोगों के नाम थे। लेकिन दूसरी चार्जशीट में नाम बढ़कर 78 हो गए, इनमें वे 38 लोग भी थे जिन्हें नौकरियां दी गईं।

इससे पहले ईडी इसमें मनी लांड्रिंग का केस कर चुकी थी। दावा किया गया कि लालू परिवार को सात जगहों पर जमीन मिली और करीब एक लाख पांच हजार वर्ग फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख में खरीदी गई, जबकि उसकी कीमत 4.39 करोड़ से अधिक थी। आरोप यहां तक पहुंचे कि यह खेल 600 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग तक फैला है।
जमीन किसने दी, किसे मिली नौकरी एक नजर में

  • संजय राय (पटना) 3,375 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को (2008), परिवार के दो सदस्यों को रेलवे में नौकरी।
  • किशुन देव राव (पटना), 3,375 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को (2008), परिवार के तीन सदस्यों को मुंबई में नौकरी।
  • हजारी राय (पटना), 9,527 वर्ग फीट जमीन एके इंफोसिस्टम को (2007), दो भतीजों को रेलवे में नौकरी।
  • किरण देवी (पटना), 80,905 वर्ग फीट जमीन मीसा भारती को (2007), बेटे को मुंबई में नौकरी।
  • लाल बाबू राय (पटना) 1,360 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को, बेटे को नौकरी।
  • बृज नंदन राय (गोपालगंज) 3,375 वर्ग फीट जमीन, बाद में हेमा यादव को ट्रांसफर, हृदयानंद चौधरी को रेलवे में नौकरी।
  • विशुन देव राय (सिवान) 3,375 वर्ग फीट जमीन, बाद में हेमा यादव को, ललन चौधरी के पोते को पश्चिमी रेलवे में नौकरी।


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