जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में दूषित जलापूर्ति को लेकर नगर निगम और दैनिक जागरण की अलग-अलग टीमें शुक्रवार को टीडीएस और क्लोरीन की जांच के लिए मैदान में उतरी।
इस दौरान अधिकतर क्षेत्रों में टीडीएस 200 से 357 तक दर्ज की गई, जो पीने योग्य श्रेणी में है। हालांकि, एक भवन के निजी समर्सिबल का टीडीएस 523 दर्ज किया गया।
इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 से अधिक लोगों हुई मृत्यु के बाद दैनिक जागरण ने समाचारीय अभियान के तहत शहर में हो रही जलापूर्ति व्यवस्था की पड़ताल की। हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
दैनिक जागरण के समाचारीय अभियान का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने टीडीएस और क्लोरीन की मात्रा को जांचने के लिए जलकल विभाग के साथ तीन टीमों का गठन किया है। इसके साथ ही दैनिक जागरण टीम भी अलग-अलग क्षेत्रों में निकल पानी की गुणवत्ता को परख रही है।
शुक्रवार को जागरण टीम ने शहर के संजय नगर, हजियापुर क्षेत्र में टीडीएस की जांच की। इस दौरान संजय नगर क्षेत्र में 200 से 357 तक पानी का टीडीएस दर्ज किया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि आमजन के लिए शुद्ध पेयजल आपूर्ति निगम की प्राथमिकता में है, इसके लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
जिन क्षेत्रों में जर्जर पाइपलाइन है वहां भी तत्काल कार्ययोजना बनाकर निविदा पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निगम की ओर से तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों में दूषित पानी की जांच करने के साथ आमजन से फीडबैक भी ले रही हैं। |
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