जागरण संवाददाता, बांदा। शहर के रायफल क्लब को लेकर दो दिनों में चल रही सियासत गहरा रही है। एक ओर विपक्षी रायफल क्लब के नीलाम होने की तिथि घोषित करने के बाद आंदोलन की एक बड़ी मुहिम चला रहे हैं। दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के लोग नीलामी रुकने का दावा कर रहे हैं। प्रकरण में बबेरू विधायक विशंभर यादव ने पिछले दिनों सदन में नियम 51 के तहत सवाल उठाया था।
इस सवाल का अभी तक जवाब नहीं आया है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को पत्र लिखकर नीलामी रोकने का निवेदन किया था। गुरुवार को सदर विधायक लखनऊ में मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से मिले हैं। विधायक का दावा है कि नीलामी रोक दी गई है जब कि जिला प्रशासन ने नीलामी रोकने को लेकर किसी प्रकार का आदेश शासन से मिलने काे इन्कार किया है।
शहर का एकमात्र खेल मैदान
शहर के एकमात्र खेल मैदान राइफल क्लब की नीलामी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत सभी सियासी दलों के लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की राह पर चल रहे थे। मामला काफी बढ़ने के बाद इस जंग में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी भी कूद गए थे। सदर विधायक ने मैदान बचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। विधायक ने गुरुवार को लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से मुलाकात की और मैदान की नीलामी पर रोक की मांग की। उन्होंने दावा किया कि नीलामी रोक दी गई है।
हालांकि अभी तक नीलामी रोके जाने को लेकर कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने गुरुवार को राइफल क्लब की नीलामी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा की तो उनके समर्थकों समेत खिलाड़ियाें और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
वहीं विरोधी दलों के लोगों का कहना है कि जब तक प्रदेश सरकार की ओर से कोई चिट्ठी जारी नहीं होती, तब तक मामले को खिलाड़ियों के पक्ष में नहीं माना जा सकता। डीएम जे रीभा ने बताया कि रायफल क्लब की नीलामी रोकने को लेकर किसी प्रकार कोई पत्र नहीं जारी हुआ है। |
|