search

गोरखपुर में वंदे भारत डिपो निर्माण पर संकट, भूमि की कमी बनी बड़ी बाधा

cy520520 16 hour(s) ago views 435
  

नव निर्माण के लिए चाहिए एक किमी लंबी जमीन, तैयार होगा राष्ट्रीय स्तर का डिपो। सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत के डिपो का निर्माण अधर में लटक गया है। डिपो की राह में भूमि रोड़ा बनी हुई है। डिपो के लिए भटनी जंक्शन के पास खाली पड़ी भूमि भी कम पड़ गई है। गोरखपुर स्थित आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के बगल वाली भूमि को रेलवे बोर्ड पहले ही खारिज कर चुका है। बोर्ड की पहल पर रेलवे प्रशासन ने भटनी में भूमि चिह्नित की थी। गोरखपुर व उसके आसपास भी डिपो के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिल पा रही।  

रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर रेलवे प्रशासन ने शुरुआत में डिपो निर्माण के लिए मानीराम, पीपीगंज और नकहा जंगल में भूमि देखी थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। अधिकारियों ने न्यू वाशिंग पिट में भी डिपो बनाने की योजना तैयार की थी। लेकिन जगह के अभाव में उसपर भी मुहर नहीं लग सकी। अंतत: रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के पास खाली पड़ी भूमि को चिह्नित कर डिपो निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया।

लेकिन, बोर्ड ने उसे भी खारिज कर दिया। बोर्ड का कहना है कि डिपो में वाशिंग पिट के लिए ही कम से कम एक किमी लंबी भूमि चाहिए।गोरखपुर का प्रस्ताव खारिज होने के बाद रेलवे प्रशासन ने भटनी में भूमि खोजनी शुरू की थी। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भूमि का सर्वे आदि पूरा कर लिया। लेकिन, भटनी की भूमि भी डिपो निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं है।

जानकारों का कहना है कि वंदे भारत के डिपो निर्माण के लिए रेलवे प्रशासन भी धीरे-धीरे उदासीन होता जा रहा। जबकि, वाराणसी मंडल में औंड़िहार और बनारस स्टेशन के पास भी भूमि खाली है। लेकिन अभी उसकी तरफ रेलवे प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा। प्रमुख स्टेशनों के आसपास राज्य सरकार की भूमि खाली पड़ी हैं। डिपो निर्माण को लेकर यही स्थिति बनी रही तो पूर्वोत्तर रेलवे के हाथ से वंदे भारत डिपो फिसल जाएगा।

यह भी पढ़ें- रेलवे फर्जी भर्ती घोटाला: ईडी की गोरखपुर में छापेमारी, मास्टरमाइंड राघवेंद्र शुक्ला फरार

यह तब है जब रेलवे बोर्ड का कहना है कि पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर में भविष्य को देखते हुए वंदे भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर का डिपो तैयार किया जाना है, जहां अन्य जोन के वंदे भारत ट्रेनों का भी अनुरक्षण किया जा सके।

दरअसल, वंदे भारत ट्रेन के अनुरक्षण (मरम्मत, सफाई-धुलाई) के लिए डिपो जरूरी है। गोरखपुर न्यू वाशिंग पिट में किसी तरह गोरखपुर-प्रयागराज और गोरखपुर-पाटलिपुत्र दो वंदे भारत का अनुरक्षण हो रहा है। कोचिंग डिपो ने तीसरी वंदे भारत गोरखपुर-आगरा के अनुरक्षण के लिए हाथ खड़े कर लिए हैं।

यह तब है जब रेलवे बोर्ड की पहल पर रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर-आगरा, गोरखपुर-दिल्ली और बनारस समेत पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मार्गों पर वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। आने वाले दिनों में वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें ही चलाई जानी है। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
145342

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com