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रेड लाइट एरिया : लड़कियों को किया जाता है ट्रैंड, प्रशिक्षण में बताए जाते हैं रिझाने के टिप्स

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सहरसा रेड लाइट एरिया में मिले आपत्तिजनक सामान।  



जागरण संवाददाता, सहरसा। सहरसा स्थित रेड लाइट इलाका वर्षों से बाहर से लड़कियों और महिलाओं को लाकर देह व्यापार कराने के नाम पर बदनाम है। यह इलाका मानव तस्करी का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है।
कुछ माह पर बदला जाता है लड़कियों का स्थान

भारतीय नगर स्थित रेड लाइट इलाके के संचालकों का बिहार के विभिन्न जिलों एवं बंगाल एवं बांग्लादेश व नेपाल तक में संचालित रेड लाइट इलाके के संचालकों से सांठगांठ है। विभिन्न जगहों से लड़कियों से यहां लाया और ले जाया जाता है। कुछ दिनों तक एक जगह पर रखकर फिर दूसरे जगह पर उसे भेज दिया जाता था। कहीं दो माह तो कहीं छह माह तक रखा जाता है। ठिकाना बदलने से ऐसे संचालकों पर भी कोई आंच नहीं आता है।
रेड लाइट संचालकों का बिहार, बंगाल, बांग्लादेश तक फैला है नेटवर्क

स्थानीय स्तर पर संचालित रेड लाइट इलाका के संचालक लड़कियों को बिहार के सहरसा के अलावा पूर्णिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, बेगुसराय, सिवान, छपरा, आरा सहित बंगाल, बांग्लादेश और नेपाल के देह व्यापार वाले ठिकानों पर अपना नेटवर्क मजबूत रखता है। विभिन्न जगहों पर लड़कियों को कुछ-कुछ दिनों तक रखा जाता है। एक जगह से कुछ लड़कियों को भेजा जाता वहीं दूसरे जगह से लड़कियों को लाया जाता। इस तरह का खेल चलता है। ऐसी लड़कियों को देह व्यापार के दलदल में पहुंचाने के लिए विशेष गिरोह काम करता है। जो विभिन्न जगह के लड़कियों और महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर उसे अपने पास रखता। फिर जबरन देह व्यापार में धकेल देता है।
कई जगहों के रेड लाइट इलाके से लड़कियों का सहरसा में होता आदान-प्रदान

कई रेड लाइट इलाकों में प्रशिक्षण केंद्र भी बना रहता है जहां रखकर कुछ दिनों तक प्रताड़ित कर उसे प्रशिक्षण दिया जाता और जबरन देह व्यापार कराया जाता है। प्रशिक्षण देने का काम दलाल के अलावा रेड लाइट एरिया में रहने वाले सीनियर लड़कियां करतीं हैं। इस दौरान ग्राहकों को कैसे रिझाया जाता है, यह भी बताया जाता है। तथा पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। अपना नाम गोपनीय रखने को कहा जाता है। कोई ना कोई काल्पनिक नाम रख लिया जाता है, जिस नाम से उसे पुकारा जाता है। इस तरह से पूरा देह व्यापार का पूरा नेटवर्क काम करता है।
बिहार के कई विभिन्न जिलों में सहरसा के रेड लाइट संचालकों का है कनेक्शन

रेड लाइट इलाके से बरामद बंगाल की महिला को भी कई जगहों पर रखने के बाद सहरसा में रखा गया था। बरामद लड़की एवं महिलाओं ने वर्तमान में सहरसा में रहने की बात बताई है। वहीं एक महिला ने खुद को बंगाल की रहने वाली बताई है।
नेपाल की लड़की हुई थी बरामद


भारतीय नगर स्थित रेड लाइट इलाका में बीते अप्रैल 2025 में एक नेपाल की एक नाबालिग लड़की को छापेमारी कर मुक्त कराया गया था। वह लड़की जबरन देह व्यापार से परेशान होकर डायल 112 को फोन कर सूचना देकर छापेमारी करवाते हुए मुक्त हुई थई। उस दौरान अनैतिक देह व्यापार कराने में शामिल मु. सेराज नट को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान वह लड़की ने भी खुलासा किया था कि वह रेलवे स्टेशन पर मानव व्यापार करने वालों के तस्कर में फंसी थी। घर में काम कराने के नाम पर उसे ले गया उसके बाद उससे देह व्यापार कराया जाने लगा।
करायी गई एचआइवी जांच

रेड लाइट से बरामद की कई लड़की और महिलाओं के नाम, पता और उम्र का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं सभी का मेडिकल भी कराया गया। एचआईवी होने की सूचना पर सभी 16 लड़की और महिलाओं का एचआईवी जांच भी कराया गया लेकिन कोई पाजीटिव नहीं पाया गया। इसमें से नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन और बालिग व महिलाओं को सुपौल स्थित अल्पावास गृह में आवासित कर आगे की जांच पड़ताल की प्रक्रिया की जाएगी।
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