राजपुर रोड़ स्थित मधुबन होटल में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा साथ में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल व चकरात विधायक प्रीतम सिंह ।जागरण
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, यह अधिकारों को खत्म करने की कोशिश है।
राजपुर रोड स्थित होटल में पत्रकारों से वार्ता में कुमारी सैलजा ने कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति-आधारित योजना बनाता है, जहां काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट व मापदंडों पर निर्भर करेगी, यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को खत्म कर देगा। इससे अधिकारों के विकेंद्रीकरण का स्वरूप खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करती थी। नये कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60: 40 कर दिया गया है। पूर्वाेत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, इससे राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ आएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से इस फैसले का विरोध किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार पूरे प्रदेश में दस जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा, 11 जनवरी को महात्मा गांधी या बाबा साहेब की प्रतिमा के समझ धरना होगा, 12 जनवरी से 29 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
उधर, इससे पहले कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में पार्टी नेताओं की बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा व मनोज यादव ने विचार रखे।
बैठक में विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा. हरक सिंह रावत, विधायक ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र सिंह पाल, पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रवक्ता डा. प्रतिमा सिंह, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, विधायक फुरकान अहमद, विरेन्द्र जाति, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआइ अध्यक्ष विकास नेगी उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें- अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा बोलीं- सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो CBI जांच |