पैमाइश करते अधिकारी
जागरण संवाददाता, संभल। अब हयातनगर थाना क्षेत्र में सरायतरीन के वाजिदपुर सराय में तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की आशंका ने जन्म लिया है। इसलिए शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां पर बने 40 मकान-दुकानों को चिन्हित करते हुए प्रक्रिया शुरू की है।
पैमाइश के दौरान पुलिस भी मौजूद रही। नापजोख की जानकारी के बाद लोगों की भीड़ मौके पर लग गई थी। वहां करीब दो घंटे की पैमाइश के बाद टीम वापस लौट गई। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन की ओर से सख्ती बरतते हुए इन भूमियाें को खाली कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
हाल ही में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की भूमि पर 28 दुकान और मकानों को चिन्हित करते हुए अवैध घोषित किया गया था। फिर गांव सलेमपुर सलार में मदीना मस्जिद, एक मदरसा, फिर गांव राया बुजुर्ग में एक मस्जिद और मदरसे के अलावा तीन मकानों अवैध घोषित करते हुए ध्वस्त कराया गया था।
इस क्रम में अब सरायतरीन के वाजिदपुर सराय में तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत सामने आई है। गुरुवार को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में नायब तहसीलदार दीपक जुरैल के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों की टीम हयातनगर थाना क्षेत्र में सरायतरीन के मुहल्ला तकिया में पहुंची। टीम ने नापजोख का काम शुरू कर दिया गया।
जैसे ही राजस्व विभाग की टीम ने फीते से पहले मुख्य मार्ग और फिर उसके बाद गलियों में जाकर नापजोख की। नापजोख का काम शुरू किया ताे लोगों की भीड़ लग गई।नायब तहसीलदार ने बताया कि गांव वाजिदपुर सराय में गाटा संख्या 332 की लगभग पांच सौ बीघा है। जो कि वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम से दर्ज है।
मगर, उस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कर लिया है। पैमाइश में करीब 40 मकान-दुकान बने हुए हैं। यह निर्माण लगभग 30 से 35 साल पहले किया गया है। ऐसे में इसके पुराने रिकार्ड को भी देखा जाएगा। क्योंकि वर्तमान रिकार्ड में तो यह तालाब के नाम से दर्ज है। ऐसे में एक बड़ी टीम लगाकर एक एक की पैमाइश की जाएगी।
धारा 67 की कार्रवाई से पहले एक एक मकान की पैमाइश करना जरूरी है। मालूम हो कि मंगलवार को भी यहां पर विभाग की ओर से लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने पैमाइश भी की थी। मगर उस समय अधिकारियों के न होने के कारण नापजोख का काम पूरा नहीं हाे सका था।
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