रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज नई दिल्ली में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए बिहार के सीमांचल क्षेत्र में स्थित पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की सामरिक, सामाजिक और रणनीतिक महत्ता से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। सांसद ने कहा कि पूर्णिया न केवल सीमांचल का प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक केंद्र है, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत और नेपाल सीमा के निकट होने के कारण यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। वर्षों से यहां के युवा सेना भर्ती में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं और बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक इस क्षेत्र में निवास करते हैं, जो राष्ट्र सेवा की मजबूत परंपरा को दर्शाता है।
पूर्णिया की सामरिक सुरक्षा से लेकर हवाई सेवा की चर्चा की
सांसद पप्पू यादव ने रक्षा मंत्री को बताया कि सीमांचल क्षेत्र के युवाओं में देश सेवा की प्रबल भावना है, लेकिन संसाधनों और संस्थागत सुविधाओं के अभाव में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने पूर्णिया क्षेत्र में सैनिक स्कूल की स्थापना, सेना भर्ती के लिए पूर्व-प्रशिक्षण केंद्र, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के विस्तार, सैन्य कैंटीन पॉलीक्लिनिक या सैन्य अस्पताल,डीआरडीओ की फील्ड यूनिट या रक्षा अनुसंधान केंद्र, एनसीसी प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार तथा शहीद स्मारक अथवा वीर स्मृति स्थल के निर्माण का प्रस्ताव रखा। सांसद ने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना से न केवल स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र की सामरिक क्षमता भी सुदृढ़ होगी।
राष्ट्र सेवा के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म पत्र की मंत्रणा
सांसद पप्पू यादव यह भी रेखांकित किया कि सीमांचल जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती इलाके में रक्षा से जुड़ी संरचनाओं का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक ढांचे को मजबूत करेगा। सांसद ने आग्रह किया कि रक्षा मंत्रालय इन प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले और आवश्यक निर्देश एवं स्वीकृतियां प्रदान करे, ताकि पूर्णिया और आसपास के जिलों के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके।
रक्षा मंत्री ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना
रक्षा मंत्री ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन प्रस्तावों पर संबंधित विभागों के साथ विचार किया जाएगा। इसी मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया-दिल्ली हवाई सेवा को 19 से 26 जनवरी तक अकस्मात बंद किए जाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने रक्षा मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार के सीमांचल-कोसी क्षेत्र का एकमात्र सक्रिय हवाई अड्डा है। यहां से दिल्ली के लिए इंडिगो एयरलाइंस की एकमात्र सीधी उड़ान सेवा 26 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी, जिसने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव लाया। इस उड़ान से प्रतिदिन लगभग 200 यात्री लाभान्वित हो रहे थे, जिनमें छात्र, मरीज, व्यवसायी, सरकारी कर्मचारी और रोजगार के सिलसिले में दिल्ली आने-जाने वाले आम नागरिक शामिल थे।
विमान सेवा को बेहतर बनाएं
सांसद ने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से 19 से 26 जनवरी 2026 तक, गणतंत्र दिवस अवधि के दौरान, इस एकमात्र उड़ान को बिना किसी लिखित सूचना, वैकल्पिक व्यवस्था या ठोस कारण के पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली के I एयरपोर्ट पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर नोटम के तहत प्रतिवर्ष केवल 10:20 से 12:45 बजे तक लगभग ढाई घंटे की नो-फ्लाई विंडो लागू होती है, जिसका प्रभाव सभी एयरलाइनों पर समान रूप से पड़ता है। इसके बावजूद सैकड़ों अन्य उड़ानों का समय समायोजित कर उन्हें संचालित किया जा रहा है, जबकि पूर्णिया-दिल्ली जैसी महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सेवा को पूरे आठ दिनों के लिए बंद कर देना पूरी तरह असंगत और अनुपातहीन निर्णय है। उन्होंने बताया कि न तो किसी मौसम संबंधी बाधा की जानकारी दी गई है, न ही किसी तकनीकी खराबी का प्रमाण सामने आया है और न ही एयरपोर्ट प्रबंधन को इंडिगो एयरलाइंस की ओर से कोई औपचारिक पत्र प्राप्त हुआ है। इस निर्णय का सबसे अधिक नुकसान छात्रों, मरीजों और कामकाजी लोगों को होगा। |
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