राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वालमार्ट अब प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में सहयोग देगा। गुरुवार को इसके लिए निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग और वालमार्ट इंक के बीच वालमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से एक रणनीतिक, गैर-वित्तीय समझाैता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के तहत एमएसएमई को डिजिटल सशक्तिकरण, ई-कामर्स रेडीनेस, पैकेजिंग, क्वालिटी, सर्टिफिकेशन और मार्केट एक्सेस के क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह समझौता तीन वर्षों के लिए किया गया है, जिसे आगे आपसी सहमति होने पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। एमएसएमई को राष्ट्रीय एवं वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़कर निर्यात में वृद्धि और रोजगार सृजन को गति देने के लिए यह एमओयू किया गया है।
मिलेगी निशुल्क प्रशिक्षण और मेंटरशिप
वालमार्ट वृद्धि के तहत उद्यमियों को निशु प्रशिक्षण और मेंटरशिप मिलेगी। उन्हें घरेलू एवं सीमा-पार ई-कामर्स व्यापार में भागीदारी के लिए तैयार किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश आज देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कामर्स हब बन रहा है। एमएसएमई राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
यह साझेदारी उनके लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी। सरकार द्वारा लागू उप्र निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 में ई-कारमर्स निर्यात पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत ई-कामर्स प्लेटफार्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त 75 प्रतिशत शुल्क (अधिकतम तीन लाख रुपये तक) का प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। |